यूपी को मिलेगी डबल ट्रेनों की सौगात 2030 तक गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी से दोगुनी होंगी गाड़ियां

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के लाखों रेल यात्रियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है! भारतीय रेलवे, खास तौर पर पूर्वोत्तर रेलवे (NER), अगले सात सालों में यूपी के बड़े शहरों - गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी - से ट्रेनों की संख्या को दोगुना करने की तैयारी में है. इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले सालों में यात्रियों को इन रूटों पर अधिक ट्रेनों और बेहतर कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा. यह कदम यात्री सुविधा को बढ़ाने और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की सरकार की बड़ी योजना का हिस्सा है.

मिशन 2030: बढ़ी हुई यात्री संख्या को पूरा करने की तैयारी

रेलवे अधिकारियों ने इस बड़ी योजना का खाका तैयार कर लिया है. उनका मानना है कि आने वाले समय में रेलवे से यात्रा करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा. इसी बढ़ी हुई यात्री संख्या को प्रभावी ढंग से संभालने और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है.

  • भविष्य की योजना: 2030 तक यात्री ट्रेनों की फेरियों को दोगुना करने का लक्ष्य है, जिससे उनकी संख्या बढ़कर 800 से 1000 के बीच पहुंच सकती है. इसका मतलब होगा यात्रियों के लिए ज्यादा विकल्प और कम वेटिंग लिस्ट.

इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा जोरदार विकास

ट्रेनों की संख्या दोगुनी करने के लिए सिर्फ पटरियां बिछाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि पूरे रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना होगा. इसमें कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा:

  • टर्मिनल और यार्ड विकास: प्रमुख स्टेशनों पर नए टर्मिनल विकसित किए जाएंगे ताकि ज्यादा ट्रेनें खड़ी हो सकें और उन्हें सर्विस मिल सके. यार्ड का आधुनिकीकरण भी किया जाएगा.
  • बिजलीकरण (Electrification): सभी रेल मार्गों का बिजलीकरण किया जा रहा है, जिससे ट्रेनें अधिक तेज़ चल पाएंगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
  • डिजिटल सिग्नलिंग: सिग्नलिंग सिस्टम को डिजिटल और आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे ट्रेनों का संचालन सुचारू और सुरक्षित हो पाएगा.

यह महत्वाकांक्षी योजना भारतीय रेलवे के 'मिशन 3000' (जहां 2029-30 तक प्रतिदिन 3000 टन सामान ले जाने का लक्ष्य है) का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक सौम्या माथुर ने बताया कि नए मार्गों के निर्माण के साथ मौजूदा लाइनों को डबल करने और नए टर्मिनल और प्लेटफॉर्म के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है. गोरखपुर कैंट, बस्ती, बादशाहनगर, डोमिनगढ़ और आनंदनगर में डबलिंग, प्लेटफॉर्म और लाइन निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं. इसके लिए सरकार हजारों करोड़ रुपये का भारी निवेश कर रही है.

इससे न सिर्फ यात्री सुविधा बढ़ेगी, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.