UP को मिलेगी एक और बड़ी सौगात: चित्रकूट से प्रयागराज तक बनेगा नया 6-लेन एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश की सड़कों का जाल अब और भी मज़बूत और शानदार होने वाला है। यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बाद अब योगी सरकार एक और बड़े प्रोजेक्ट को ज़मीन पर उतारने की तैयारी में है। यह नया चित्रकूट-प्रयागराज ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड और प्रयागराज के बीच सफ़र की परिभाषा ही बदल देगा।
क्या है इस एक्सप्रेसवे में खास?
यह कोई आम सड़क नहीं, बल्कि एक 6-लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। 'ग्रीनफील्ड' का मतलब है कि यह बिल्कुल नए रास्ते पर बनाया जाएगा, जिससे ज़मीन अधिग्रहण और निर्माण का काम तेज़ी से हो सकेगा।
- लंबाई और रूट: यह एक्सप्रेसवे लगभग 157 किलोमीटर लंबा होगा और यह चित्रकूट के भरतकूप से शुरू होकर सीधे प्रयागराज बाईपास को जोड़ेगा।
- कम हो जाएगी दूरी: अभी चित्रकूट से प्रयागराज जाने में 3 से 4 घंटे लग जाते हैं, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह सफ़र सिमटकर सिर्फ डेढ़ से दो घंटे का रह जाएगा।
इस एक्सप्रेसवे से क्या-क्या बदलेगा?
इस एक्सप्रेसवे के बनने से सिर्फ सफ़र का समय ही कम नहीं होगा, बल्कि इसके कई और बड़े फायदे होंगे:
- विकास की नई रफ़्तार: यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड के पिछड़े इलाकों को सीधे प्रयागराज और दिल्ली से जोड़ेगा, जिससे इस क्षेत्र में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
- टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा: चित्रकूट और प्रयागराज दोनों ही बड़े धार्मिक स्थल हैं। सीधी और तेज़ कनेक्टिविटी से इन जगहों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आना-जाना बहुत आसान हो जाएगा।
- आसान होगा सफ़र: अभी लोगों को सिंगल या टू-लेन सड़क से होकर गुज़रना पड़ता है, जहाँ जाम और हादसों का डर बना रहता है। यह एक्सप्रेसवे एक सुरक्षित, आरामदायक और तेज़ सफ़र का विकल्प देगा।
काम कहाँ तक पहुँचा है?
इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए सर्वे और रूट फाइनल करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। सरकार की तरफ से हरी झंडी मिलते ही ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह एक्सप्रेसवे सिर्फ कंक्रीट की सड़क नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की तरक्की का नया रास्ता साबित होगा, जो लाखों लोगों की ज़िंदगी में बदलाव लाएगा।