UP weather : बदला मिजाज, पूर्वी यूपी में बारिश के आसार, कई शहरों में हवा अभी भी खराब
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। जहां एक ओर पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के कई प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव के संकेत दिए हैं।
पूर्वी यूपी में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक कम दबाव के क्षेत्र के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल सकता है। आज, 27 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश की भविष्यवाणी की गई है। इसके साथ ही 29, 30 और 31 अक्टूबर को भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से 30 और 31 अक्टूबर को पूर्वी यूपी में भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की है।
लखनऊ और बलिया जैसे जिलों में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बौछारें भी पड़ सकती हैं। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है। हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है।
हवा में घुला 'जहर', AQI 'खराब' श्रेणी में
बारिश की खबरों के बीच, प्रदेश में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई शहरों का वायु गुणवत्ता सू-ચ-કાં-ક (AQI) 'खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया है।
- लखनऊ में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है।
- प्रयागराज (इलाहाबाद), बागपत, फैजाबाद, और गोरखपुर जैसे शहरों में AQI 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में पहुंच गया है, जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक है।
- आगरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, नोएडा, और बहराइच समेत कई शहरों में AQI 'अस्वास्थ्यकर' (Unhealthy) श्रेणी में है।
- कानपुर, बदायूं, और फिरोजाबाद की हवा भी 'खराब' (Poor) श्रेणी में है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में PM2.5 और PM10 जैसे हानिकारक कणों की मात्रा बहुत ज्यादा है, जो सांस संबंधी बीमारियों का कारण बन सकती है। ऐसे में लोगों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, प्रदेश के लोगों को आने वाले दिनों में दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है - एक तरफ बारिश से जुड़ी परेशानियां, तो दूसरी तरफ जहरीली हवा का खतरा।