UP : बच्चों के भविष्य पर कबाड़ का डाका बहराइच में सरकारी स्कूलों की किताबें कबाड़ में बेची गई, 4 गिरफ्तार

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News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर 'सर्व शिक्षा अभियान' के तहत बच्चों को मुफ्त किताबें और बेहतर शिक्षा देने पर करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं बहराइच में कुछ भ्रष्ट तत्वों ने बच्चों के सपनों को ही रद्दी के भाव बेच दिया। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग की नई किताबें, जो बच्चों के हाथों में होनी चाहिए थीं, वे एक ट्रक में लादकर कबाड़ की दुकान पर उतारते हुए पकड़ी गईं।

कैसे हुआ इस बड़े घोटाले का खुलासा?

यह मामला तब प्रकाश में आया जब स्थानीय लोगों ने एक संदिग्ध ट्रक को कबाड़ की दुकान के पास किताबें उतारते देखा। सूचना मिलते ही पुलिस और बेसिक शिक्षा विभाग (BSA) के अधिकारी मौके पर पहुँचे।

बरामदगी: ट्रक से भारी मात्रा में सत्र 2025-26 के लिए छपी नई सरकारी किताबें बरामद हुईं।

गिरफ्तारी: पुलिस ने छापेमारी कर कबाड़ व्यापारी और रद्दी बेचने में शामिल 4 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

फरार आरोपी: ट्रक का ड्राइवर मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

BSA की कड़ी कार्रवाई: जांच के घेरे में विभागीय कर्मचारी

बहराइच के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

विभागीय मिलीभगत: आशंका जताई जा रही है कि बिना किसी विभागीय कर्मचारी की मिलीभगत के इतनी बड़ी संख्या में किताबें सीधे गोदाम से कबाड़खाने नहीं पहुँच सकतीं।

सख्त निर्देश: बीएसए ने कहा है कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस घोटाले में शामिल पाया जाएगा, उसे सेवा से बर्खास्त करने के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों और छात्रों में आक्रोश

इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय अभिभावकों में भारी रोष है। कई स्कूलों में अभी भी किताबों की कमी बनी हुई है, ऐसे में नई किताबों का रद्दी में बिकना विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है।