UP Earthquake : यूपी के गोंडा में सुबह-सुबह डोली धरती, 3.7 रही तीव्रता, जानें कहां था भूकंप का केंद्र
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले और आसपास के इलाकों में शुक्रवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। जब लोग अपने घरों में सो रहे थे या सुबह के कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक धरती कांपने लगी। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई है। राहत की बात यह है कि तीव्रता कम होने के कारण अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
भूकंप का केंद्र और समय (Epicenter & Timing)
समय: भूकंप के झटके आज (6 फरवरी 2026) सुबह तड़के महसूस किए गए।
केंद्र: नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र गोंडा जिले का एक गांव था।
गहराई: जमीन के नीचे इसकी गहराई काफी कम थी, जिसके कारण आसपास के जिलों (जैसे बलरामपुर और श्रावस्ती) में भी हल्के झटके महसूस किए गए।
कैसा था माहौल?
गोंडा के स्थानीय निवासियों के अनुसार, झटके कुछ सेकंड तक महसूस हुए। कई लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने पंखे हिलने और बर्तनों के गिरने की खबरें साझा की हैं। प्रशासन फिलहाल ग्रामीण इलाकों से जानकारी जुटा रहा है ताकि किसी भी तरह के नुकसान का आकलन किया जा सके।
क्यों आते हैं उत्तर प्रदेश में भूकंप?
उत्तर प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा (विशेषकर तराई क्षेत्र) भूकंप के संवेदनशील जोन-4 में आता है। हिमालयी क्षेत्र के पास होने के कारण यहाँ टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल अक्सर महसूस की जाती है। जब पृथ्वी के अंदर मौजूद प्लेट्स आपस में टकराती हैं, तो ऊर्जा रिलीज होती है, जिससे कंपन पैदा होता है।
भूकंप आने पर क्या करें? (Safety Tips)
भले ही तीव्रता कम हो, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है:
घबराएं नहीं: शांत रहें और दूसरों को भी शांत रखें।
ड्रॉप, कवर और होल्ड: यदि आप घर के अंदर हैं, तो किसी मजबूत मेज के नीचे छिप जाएं और उसे पकड़ कर रखें।
खुले मैदान में जाएं: यदि संभव हो, तो तुरंत ऊंची इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर खुली जगह पर चले जाएं।
लिफ्ट का प्रयोग न करें: भूकंप के समय हमेशा सीढ़ियों का उपयोग करें।