Punjab MC Elections : पंजाब में बज गया चुनावी बिगुल जल्द लागू हो सकती है आचार संहिता, जानें कब होंगे निकाय चुनाव
News India Live, Digital Desk: पंजाब की सियासत से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में लंबे समय से लंबित नगर निगम (MC) और नगर परिषद चुनावों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, पंजाब में निकाय चुनावों के लिए 'चुनावी बिगुल' बज चुका है और राज्य निर्वाचन आयोग किसी भी वक्त चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। तारीखों की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो जाएगी। इस खबर के बाद से ही राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों आप, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने अपनी चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है।
प्रशासनिक तैयारियां तेज, किसी भी वक्त हो सकता है ऐलान
राज्य निर्वाचन आयोग और पंजाब सरकार के बीच चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर अंतिम चरण में है। बताया जा रहा है कि वार्डबंदी और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। आचार संहिता लागू होने की संभावना को देखते हुए भगवंत मान सरकार ने विकास कार्यों और उद्घाटन समारोहों में तेजी ला दी है। सरकारी मशीनरी को अलर्ट पर रखा गया है और चुनाव अधिकारियों की तैनाती की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई की शुरुआत में मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जा सकती है।
नगर निगम चुनावों पर टिकी सबकी नजरें
अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला जैसे बड़े शहरों के नगर निगम चुनाव इस बार काफी दिलचस्प होने वाले हैं। ये चुनाव केवल स्थानीय सरकार चुनने के लिए नहीं हैं, बल्कि इन्हें राज्य की वर्तमान सरकार के कामकाज के 'लिटमस टेस्ट' के रूप में देखा जा रहा है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी जहां अपने विकास मॉडल के दम पर क्लीन स्वीप की उम्मीद कर रही है, वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
आचार संहिता लागू होते ही थम जाएंगे बड़े ऐलान
जैसे ही चुनाव आयोग तारीखों का औपचारिक ऐलान करेगा, राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। इसके बाद सरकार न तो कोई नई घोषणा कर सकेगी और न ही किसी नई परियोजना का शिलान्यास कर पाएगी। तबादलों और नियुक्तियों पर भी पूरी तरह से रोक लग जाएगी। पुलिस प्रशासन ने भी चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों की पहचान करना शुरू कर दिया है।
सियासी दलों में टिकट के लिए मची होड़
चुनावी सुगबुगाहट तेज होते ही स्थानीय नेताओं और पार्षदों में टिकट के लिए होड़ मच गई है। चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक बड़े नेताओं के दरबार में हाजिरी लगाई जा रही है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि निकाय चुनाव के नतीजे भविष्य में पंजाब की राजनीति की नई दिशा तय करेंगे। विशेष रूप से शहरी मतदाताओं का रुख क्या रहता है, यह देखना बेहद रोमांचक होगा। फिलहाल, पंजाब की जनता और नेता दोनों ही चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।