UP Caste Dispute : ठाकुर-ब्राह्मण विवाद में नया मोड़, आस्था के सम्मान पर बिफरीं ऋतु, पूछा क्या गाली देने के लिए मिलते हैं अवॉर्ड?
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर 'ठाकुर बनाम ब्राह्मण' की जो बहस चल रही थी, उसने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस विवाद की मुख्य पात्रों में से एक, आस्था को हाल ही में एक संगठन द्वारा सम्मानित किया गया। इस सम्मान की तस्वीरें वायरल होते ही दूसरी पक्ष की ऋतु ने मोर्चा खोल दिया है और इस तरह के सम्मान को समाज के लिए घातक बताया है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर जातिगत श्रेष्ठता को लेकर शुरू हुई बयानबाजी से हुई थी।
आस्था का सम्मान: एक पक्ष के संगठन ने आस्था को उनके 'साहस' के लिए सम्मानित किया। संगठन का मानना है कि उन्होंने अपने समाज की बात मजबूती से रखी।
ऋतु का पलटवार: ऋतु ने इस सम्मान पर आपत्ति जताते हुए एक वीडियो/बयान जारी किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "आजकल क्या गाली देने और समाज में नफरत फैलाने के लिए अवॉर्ड दिए जा रहे हैं? यह कैसा समाज हम बना रहे हैं?"
सोशल मीडिया पर छिड़ी 'वर्चस्व' की जंग
यह मामला केवल दो युवतियों के बीच का नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर जातिगत खेमों में बंट गया है:
वायरल वीडियो: दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ लगातार वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं, जिनमें तीखी शब्दावली का प्रयोग हो रहा है।
संगठनों की एंट्री: विभिन्न जातिगत संगठनों के कूदने से मामला और संवेदनशील हो गया है।
पुलिस की नजर: सोशल मीडिया पर बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन और साइबर सेल इन वीडियो पर नजर रख रही है ताकि शांति व्यवस्था न बिगड़े।
समाज पर क्या हो रहा है असर?
जानकारों का मानना है कि युवाओं के बीच इस तरह की जातिगत प्रतिद्वंद्विता डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग है। सम्मान और अवॉर्ड्स का इस्तेमाल जब विवादित चेहरों को 'हीरो' बनाने के लिए किया जाता है, तो इससे समाज में ध्रुवीकरण बढ़ता है।