UP Assembly : यूपी विधानसभा में बिजली और सड़कों के मुद्दे पर संग्राम, सपा का वोट कटवाने के आरोप पर हंगामा

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आज के दिन (18 फरवरी 2026) की शुरुआत काफी गहमागहमी भरी रही। सदन में प्रश्नकाल के दौरान बिजली कटौती, सड़कों के नवीनीकरण और कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने योगी सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के आरोपों का जवाब देते हुए यूपी के विकास मॉडल को 'राम राज्य' की आधारभूमि बताया।

आज की कार्यवाही की 5 बड़ी बातें:

मुफ्त बिजली पर तकरार: सपा सदस्यों ने किसानों और महिलाओं को मुफ्त बिजली देने के वादे पर सरकार को घेरा। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से राहत दे रही है, जबकि विपक्ष ने ओवरलोड ट्रांसफॉर्मर और बिजली कटौती की समस्या पर हंगामा किया।

सड़कों का मुद्दा: लोक निर्माण विभाग (PWD) के बजट और प्रदेश की सड़कों की खराब हालत को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए। सरकार की ओर से दावा किया गया कि नई तकनीक से सड़कों का कायाकल्प किया जा रहा है।

वोट कटवाने के आरोप: समाजवादी पार्टी ने 'फॉर्म-7' के जरिए भाजपा पर विपक्ष के वोट कटवाने का आरोप फिर से लगाया। अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ साजिश करार दिया, जिस पर सदन में काफी शोर-शराबा हुआ।

कैशलेस इलाज की सौगात: सदन में चर्चा के दौरान यह भी दोहराया गया कि 1 अप्रैल से शिक्षामित्रों, रसोइयों और अनुदेशकों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

मायावती का 'एकला चलो' का ऐलान: सदन की कार्यवाही के बीच ही बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 2027 के चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया, जिसका असर विधानसभा की गलियारों में भी चर्चा का विषय बना रहा।

'SIR' पर छिड़ी जंग

सदन में एसआईआर (SIR - Special Investment Region) को लेकर भी चर्चा हुई। अखिलेश यादव ने इसे 'जातिगत' चश्मे से देखते हुए पीडीए (PDA) कार्ड खेला, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे औद्योगिक विकास के लिए क्रांतिकारी कदम बताया।

विशेष अपडेट: आज शाम 8 बजे लखनऊ के सरस्वती शिशु मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और RSS प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात होने वाली है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में आगामी चुनावों और संगठनात्मक एजेंडे पर चर्चा हो सकती है।