साजिश या हादसा? अजित पवार के प्लेन क्रैश की होगी CBI जांच सुनेत्रा पवार ने CM फडणवीस से की मुलाकात

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News India Live, Digital Desk : 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जाते समय हुए प्लेन क्रैश मामले में अब 'साजिश' की बू आने लगी है। मौजूदा डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार की अगुवाई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार जल्द ही गृह मंत्रालय (MHA) को इसकी सिफारिश भेजेगी।

संदेह के घेरे में 'क्रैश': वो 5 सवाल जिनके जवाब चाहती हैं सुनेत्रा पवार

भले ही एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इसकी जांच कर रहा है, लेकिन एनसीपी नेताओं और रोहित पवार ने कुछ ऐसे सवाल उठाए हैं जो इस घटना को संदिग्ध बनाते हैं:

1. आखिरी मिनट में क्यों बदला प्रोग्राम और पायलट? अजित पवार को 27 जनवरी की शाम ही पुणे निकलना था, उनका काफिला भी तैयार था। लेकिन एक 'बड़े नेता' से मुलाकात के बाद प्लान बदला गया। 28 जनवरी की सुबह जब वह उड़े, तो सवाल उठा कि ऐन वक्त पर पायलट क्यों बदला गया?

2. ब्लैक बॉक्स का जलना: क्या सबूत मिटाए गए? जांच में पता चला है कि प्लेन के दोनों ब्लैक बॉक्स (Black Box) पूरी तरह जल गए हैं। रोहित पवार का कहना है कि उन्होंने 5 दिन पहले ही इसका अंदेशा जताया था। अब डेटा रिकवरी के लिए मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की मदद ली जा रही है।

3. अतिरिक्त फ्यूल टैंक का रहस्य संजय राउत और ममता बनर्जी जैसे नेताओं ने भी इस घटना पर संदेह जताया है। सवाल उठाया गया है कि क्या प्लेन में कोई अतिरिक्त (Illegal) फ्यूल टैंक था? अगर ऐसा था, तो वह उड़ते हुए बम की तरह था। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग की जा रही है।

4. कोई 'डिस्ट्रेस सिग्नल' क्यों नहीं भेजा गया? नियम के मुताबिक, अगर प्लेन में कोई खराबी आती है, तो क्रू 'डिस्ट्रेस कम्युनिकेशन' (SOS) भेजता है। लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले हुए इस क्रैश में पायलट की तरफ से कोई इमरजेंसी मैसेज क्यों नहीं आया?

5. सुरक्षा प्रणालियों की विफलता

क्या प्लेन का सेफ्टी वार्निंग सिस्टम काम कर रहा था?

क्या क्रू मेंबर्स उड़ान के लिए फिट थे?

क्या प्लेन का मेंटेनेंस मानकों के अनुरूप था?

हादसा या हत्या की साजिश?

रोहित पवार ने मीडिया के सामने प्रेजेंटेशन देते हुए सीधा सवाल किया है— "दादा का प्लेन क्रैश होना महज एक एक्सीडेंट था या मर्डर की कोशिश?" उन्होंने साफ कहा कि जब तक जवाब नहीं मिल जाता, वे चैन से नहीं बैठेंगे। इस मामले में फॉरेंसिक और उच्च तकनीकी जांच (High-tech Investigation) की जरूरत है, जो केवल सीबीआई जैसी एजेंसियां ही कर सकती हैं।