UP Anganwadi Good News 2026: आंगनबाड़ी बहनों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा! खातों में आए ₹38.49 करोड़, साड़ी-बीमा और आयुष्मान कार्ड का भी ऐलान

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लखनऊ, ब्यूरो।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए खुशियों की सौगात आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'मिशन शक्ति' के तहत प्रदेश की आंगनबाड़ी बहनों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का कवच प्रदान करते हुए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं। सरकार ने न केवल उनके बैंक खातों में करोड़ों रुपये की राशि ट्रांसफर की है, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य और सम्मान की गारंटी देते हुए आयुष्मान कार्ड, साड़ी-यूनिफॉर्म और बीमा जैसी सुविधाओं से भी लैस करने का फैसला लिया है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खातों में DBT से पहुंचे ₹38.49 करोड़

मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बैंक खातों में 38.49 करोड़ रुपये की राशि सीधे Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए भेजी। यह राशि उनकी वर्दी (साड़ी) और अन्य प्रोत्साहन राशि के रूप में दी गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी बहनों को समाज की 'नींव' बताते हुए आश्वासन दिया कि सरकार उनके मानदेय (Honorarium) में सम्मानजनक वृद्धि के लिए गंभीरता से विचार कर रही है, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही संभव है।

आयुष्मान कार्ड और बीमा योजना से मिलेगी सुरक्षा की गारंटी

सरकार ने घोषणा की है कि अब सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इसके अलावा, ड्यूटी के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में उनके परिवार को सुरक्षा देने के लिए बीमा कवर भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और बाल विकास की जिम्मेदारी संभालने वाली इन महिलाओं की सेहत और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

वाराणसी से जौनपुर तक 'ड्रोन दीदी' और 'ई-रिक्शा वाली दीदी' का जलवा

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी, जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर की 600 से अधिक महिलाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान महिलाओं ने अपनी सफलता की प्रेरणादायक कहानियां साझा कीं:

ड्रोन दीदी: जौनपुर की दुर्गा मौर्य ने बताया कि कैसे वे ड्रोन दीदी के रूप में खेती में तकनीक का उपयोग कर रही हैं और नमकीन की फैक्ट्री से अन्य महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।

ई-रिक्शा चालक: वाराणसी की सीता देवी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से ई-रिक्शा खरीदकर 250 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया है।

फूलों की खेती: चंदौली की सोनी कुमारी ने महिला समूहों के माध्यम से फूलों की खेती को नई पहचान दी है।

महिला सशक्तिकरण: समाज की मुख्यधारा से जुड़ रही हैं महिलाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि "आज की नारी अब अबला नहीं, बल्कि स्वावलंबी है।" आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के शुरुआती विकास और गर्भवती महिलाओं की देखभाल करने वाली इन कार्यकर्ताओं को समाज में वह सम्मान मिलना चाहिए, जिसकी वे हकदार हैं। सरकार की इस पहल से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि वे समाज के विकास में अपनी भूमिका और भी ऊर्जा के साथ निभा सकेंगी।