राजस्थान में आग और फुहार का अनोखा संगम 18 शहरों में पारा 40°C के पार, तो 5 जिलों में बारिश का अलर्ट
News India Live, Digital Desk : राजस्थान के मौसम में शुक्रवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का कहर जारी है, वहीं एक सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने कुछ इलाकों में मौसम का मिजाज बदल दिया है। गुरुवार देर रात से राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को प्रदेश के 5 से अधिक जिलों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
पश्चिमी राजस्थान 'भट्टी' की तरह तपा
भले ही कुछ हिस्सों में बादल छाए हों, लेकिन पश्चिमी राजस्थान के हालात अब भी चिंताजनक हैं। गुरुवार को राज्य के 18 शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा:
बाड़मेर: 42.9°C (राज्य में सबसे गर्म)
जैसलमेर: 42.8°C
जोधपुर और बीकानेर: यहाँ भी तापमान 42 डिग्री के करीब बना हुआ है। तेज धूप और झुलसाने वाली गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हुए।
इन 6 जिलों में 'राहत की बूंदें' गिरने के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, हल्के प्रभाव वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर और पश्चिमी राजस्थान के इन जिलों में शुक्रवार को बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है:
श्रीगंगानगर
हनुमानगढ़
झुंझुनूं
चूरू
सीकर
अलवर
इन क्षेत्रों में बादलों की गर्जना के साथ ठंडी हवाएं चलने से भीषण गर्मी से तात्कालिक राहत मिलने की उम्मीद है।
जयपुर में उमस ने बढ़ाई बेचैनी
राजधानी जयपुर में गुरुवार शाम को बादल छाने और हवा चलने से धूप की तीव्रता तो कम हुई, लेकिन उमस (Humidity) ने लोगों को बेहाल कर दिया। शुक्रवार सुबह भी जयपुर के आसमान में बादलों का डेरा रहा, जिससे न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग का मानना है कि इस सिस्टम का असर अगले 24 से 48 घंटों तक बना रह सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह: लू से बचें
गर्मी और मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है:
हाइड्रेशन: अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
समय का ध्यान: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें।
मिश्रित मौसम: अचानक तापमान गिरने और फिर बढ़ने से सर्दी-जुकाम का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए ठंडी और गर्म हवाओं के बीच संतुलन बनाए रखें।