BREAKING:
April 19 2026 12:22 am

जयपुर में अनूप जलोटा के सुरों के साथ बयानों की गूंज, बोले महिलाओं को 50 फीसदी मिले आरक्षण

Post

News India Live, Digital Desk: गुलाबी नगरी जयपुर के मानसरोवर में आयोजित एक भव्य भजन संध्या के दौरान 'भजन सम्राट' अनूप जलोटा ने अपनी गायकी से समां तो बांधा ही, साथ ही कई ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखकर हलचल मचा दी। संगीत से सजी इस शाम में अनूप जलोटा ने न केवल भक्ति रस घोला, बल्कि महिला सशक्तिकरण, बॉलीवुड और ऐतिहासिक संदर्भों पर खुलकर बात की। उन्होंने जयपुर को आध्यात्मिक सुरक्षा का केंद्र बताते हुए इस शहर से अपने गहरे जुड़ाव को साझा किया।

'जब औरंगजेब मंदिर तोड़ रहा था, तब जयपुर ने दी मूर्तियों को पनाह'

अनूप जलोटा ने जयपुर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शहर उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने मुगल काल का जिक्र करते हुए कहा कि जब औरंगज़ेब के शासनकाल में मंदिरों को तोड़ा जा रहा था, तब मथुरा और वृंदावन की पवित्र मूर्तियों को सुरक्षित रखने के लिए जयपुर लाया गया था। उन्होंने कहा, "जयपुर ने हमारी आस्था को संरक्षण दिया है, यही कारण है कि यहाँ कदम रखते ही घर जैसी अनुभूति होती है।"

'कश्मीर फाइल्स' और 'धुरंधर' जैसी फिल्मों पर जताया गर्व

बॉलीवुड के बदलते मिजाज पर चर्चा करते हुए उन्होंने देशभक्ति पर आधारित फिल्मों की जमकर सराहना की। उन्होंने ‘कश्मीर फाइल्स’, ‘केरल स्टोरी 2’ और हालिया रिलीज ‘धुरंधर’ का नाम लेते हुए कहा कि ऐसी फिल्में समाज को कड़वी सच्चाई से रूबरू कराती हैं। जलोटा ने कहा, "जब हम पर्दे पर ऐसी सच्चाई देखते हैं, तो स्वतः ही भारत माता की जय निकलता है। ये फिल्में हमारे भीतर देशभक्ति को जाग्रत करती हैं और दुश्मनों के प्रति हमारे आक्रोश को भी स्वर देती हैं।"

महिला आरक्षण पर बड़ा खुलासा: 'राजनाथ सिंह से की है 50% की मांग'

महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर अनूप जलोटा ने एक बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया। उन्होंने संसद में पारित 33 प्रतिशत आरक्षण को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने खुलासा किया कि इस विषय पर उन्होंने व्यक्तिगत रूप से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी और उन्हें यह सुझाव दिया था कि आधी आबादी को उनका पूरा हक मिलना चाहिए।

आशा भोंसले को याद कर हुए भावुक, ए.आर. रहमान पर भी बोले

कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध गायिका आशा भोंसले की अचानक बिगड़ी तबीयत की खबर पर उन्होंने दुख व्यक्त किया और उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने साझा किया कि कुछ दिन पहले ही वे उनसे मिले थे और उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर स्तब्ध करने वाली है। वहीं, संगीतकार ए.आर. रहमान के हालिया बयानों पर संतुलित रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का अपना पक्ष होता है और समय ही यह तय करता है कि कौन सही है।

भजन: आस्था और शांति का सेतु

भजन संध्या के अंत में उन्होंने संगीत की महिमा बताते हुए कहा कि भजन केवल गायन नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच का सेतु है। उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण युग में भक्ति संगीत ही इंसान को आंतरिक शांति प्रदान कर सकता है। जलोटा के इन बयानों ने भजन संध्या को एक वैचारिक मंच में तब्दील कर दिया, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है।