कंपनी छोड़ते समय आपकी 'ग्रेच्युटी' कितनी बनेगी? खुद समझिए पूरा हिसाब-किताब
हम सालों तक किसी कंपनी में मेहनत और लगन से काम करते हैं, अपनी वफादारी निभाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कानून आपकी इसी वफादारी का आपको एक शानदार इनाम भी देता है? जी हाँ, इसे कहते हैं ग्रेच्युटी।
यह आपकी सैलरी के अलावा वो पैसा है जो कंपनी आपको तब देती है जब आप नौकरी छोड़ते हैं या रिटायर होते हैं। यह एक तरह से कंपनी की तरफ से आपको दिया जाने वाला "Thank You" गिफ्ट है। लेकिन यह गिफ्ट नहीं, आपका हक है।
बस एक शर्त है - आपने उस कंपनी में लगातार 5 साल पूरे किए हों।
अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि यह पैसा आखिर कैलकुलेट कैसे होता है। तो चलिए आज, हम और आप मिलकर इसका पूरा गणित समझते हैं, एक बहुत ही आसान उदाहरण के साथ।
मान लीजिए, आपकी सैलरी 60,000 रुपये है और आपने 10 साल काम किया है...
अब आप सोच रहे होंगे कि आपको कितने पैसे मिलेंगे। चलिए, इसे स्टेप-बाय-स्टेप कैलकुलेट करते हैं।
ग्रेच्युटी का फॉर्मूला क्या है?
यह बहुत सरल है:
(आखिरी सैलरी) x (काम किए गए साल) x (15/26)
अब आप कहेंगे, ये 15/26 क्या है? चलिए इसे भी समझते हैं:
- सैलरी का मतलब: यहां सैलरी का मतलब आपकी पूरी इन-हैंड सैलरी नहीं, बल्कि आपकी (बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ता यानी DA) होता है। मान लेते हैं कि यह 60,000 रुपये है।
- महीने में 26 दिन: कानून के मुताबिक, ग्रेच्युटी के लिए महीने में 26 दिन ही गिने जाते हैं (4 रविवार हटाकर)।
- 15 दिन की सैलरी: एक साल पूरा करने पर आपको 15 दिन की सैलरी के बराबर ग्रेच्युटी दी जाती है।
अब करते हैं असली कैलकुलेशन:
उदाहरण:
- आपकी आखिरी सैलरी (बेसिक+DA): ₹60,000
- आपने कंपनी में काम किया: 10 साल 8 महीने
एक और जरूरी नियम: अगर आपने नौकरी में 5 साल पूरे करने के बाद, आखिरी साल में 6 महीने से ज्यादा काम किया है, तो उसे पूरा एक साल गिना जाएगा। यानी आपके 10 साल 8 महीने को पूरे 11 साल माना जाएगा।
अब फॉर्मूले में ये नंबर डालते हैं:
= (60,000 रुपये) x (11 साल) x (15/26)
कैलकुलेशन:
- पहले एक दिन की सैलरी निकालते हैं: 60,000 / 26 = ₹2307.69
- अब इसे 15 से गुणा करते हैं: 2307.69 x 15 = ₹34,615.38 (यह एक साल की ग्रेच्युटी हुई)
- अब इसे कुल सालों से गुणा करते हैं: 34,615.38 x 11 = ₹3,80,769
तो, 10 साल 8 महीने काम करने पर आपको अपनी सैलरी के अलावा लगभग तीन लाख अस्सी हजार रुपये ग्रेच्युटी के तौर पर मिलेंगे!
यह पैसा आपकी मेहनत और वफादारी का है, इसलिए इसके बारे में जानना और सही हिसाब रखना आपका अधिकार है।