बिना आधार लिंक नहीं मिलेगी UGC स्कॉलरशिप, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जारी किया सख्त फरमान
News India Live, Digital Desk: देश के लाखों शोधार्थियों और छात्रों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा निर्देश जारी किया है। अगर आप भी यूजीसी की किसी फेलोशिप या स्कॉलरशिप का लाभ ले रहे हैं, तो यह खबर आपके भविष्य से जुड़ी है। आयोग ने साफ कर दिया है कि अब बिना 'आधार लिंकिंग' और 'बैंक सीडिंग' के किसी भी छात्र के खाते में छात्रवृत्ति की राशि नहीं भेजी जाएगी। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखकर इस नियम को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है।
आधार और बैंक अकाउंट का 'सीडिंग' हुआ अनिवार्य
यूजीसी के सचिव द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से दी जाने वाली सभी वित्तीय सहायता के लिए आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना अब वैकल्पिक नहीं बल्कि अनिवार्य है। आयोग का तर्क है कि इससे छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। कई मामलों में देखा गया है कि डेटा मिसमैच होने के कारण पैसा गलत खातों में चला जाता है या अटक जाता है, जिसे रोकने के लिए यह 'बैंक सीडिंग' (Bank Seeding) प्रक्रिया अनिवार्य की गई है।
30 अप्रैल तक का मिला है समय, रुक सकती है फेलोशिप
उच्च शिक्षा संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहाँ नामांकित सभी स्कॉलरशिप प्राप्तकर्ताओं का डेटा अपडेट करें। जिन छात्रों का आधार अभी तक उनके बैंक खाते और छात्रवृत्ति पोर्टल से लिंक नहीं है, उन्हें 30 अप्रैल 2026 तक का समय दिया गया है। यदि इस समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो संबंधित छात्र की अगली किस्त रोक दी जाएगी। यूजीसी ने संस्थानों से कहा है कि वे छात्रों को इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें ताकि उनकी शोध कार्य (Research Work) में कोई बाधा न आए।
'कैनरा बैंक' पोर्टल पर अपडेट करना होगा डेटा
यूजीसी की अधिकांश फेलोशिप का प्रबंधन 'कैनरा बैंक' के पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक के साथ संपर्क कर 'आधार मैपिंग' की स्थिति जांच लें। पोर्टल पर आधार संख्या दर्ज करने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित बैंक खाता 'सक्रिय' (Active) स्थिति में हो। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल आधार लिंक होना काफी नहीं है, बल्कि बैंक खाते का एनपीसीआई (NPCI) मैपर पर सीड होना भी जरूरी है।
पारदर्शिता और डुप्लीकेसी पर लगेगी लगाम
सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य 'वन स्टूडेंट-वन स्कॉलरशिप' (One Student-One Scholarship) के सिद्धांत को लागू करना है। अक्सर यह शिकायतें आती थीं कि कुछ छात्र एक साथ दो अलग-अलग निकायों से फेलोशिप का लाभ उठा रहे हैं। आधार लिंकिंग के अनिवार्य होने से ऐसे मामलों की पहचान करना आसान हो जाएगा। हालांकि, दूर-दराज के इलाकों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह प्रक्रिया थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन यूजीसी ने इसे डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।