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April 13 2026 07:23 am

MBBS 2022 बैच के लिए बड़ी खबर क्या देना होगा NExT एग्जाम? NMC के वायरल नोटिस ने बढ़ाई धड़कनें

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News India Live, Digital Desk: मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के बीच इन दिनों एक वायरल नोटिस ने खलबली मचा दी है। विशेष रूप से MBBS 2022 बैच के छात्र इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि क्या उन्हें अपनी डिग्री पूरी करने और प्रैक्टिस का लाइसेंस पाने के लिए नेशनल एग्जिट टेस्ट (NExT) देना होगा? सोशल मीडिया पर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नाम से एक लेटर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें इस परीक्षा के आयोजन को लेकर दावे किए गए हैं। आइए जानते हैं क्या है इस वायरल खबर के पीछे का सच।

वायरल नोटिस और छात्रों की उलझन

इंटरनेट पर घूम रहे इस नोटिस में दावा किया गया है कि NMC ने 2022 बैच के लिए NExT परीक्षा अनिवार्य कर दी है। इस खबर के बाद से छात्र संगठनों और मेडिकल कॉलेजों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। छात्र इस बात से परेशान हैं कि अगर अचानक परीक्षा का पैटर्न बदलता है, तो उनकी तैयारी पर इसका क्या असर पड़ेगा। गौरतलब है कि NExT परीक्षा को NEET PG और FMGE जैसे एग्जाम्स को रिप्लेस करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो फाइनल ईयर MBBS छात्रों के लिए एक कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट होगा।

NMC ने स्पष्ट की स्थिति: क्या है हकीकत?

वायरल हो रहे दावों के बीच आधिकारिक सूत्रों और पूर्व के स्पष्टीकरणों के आधार पर स्थिति काफी हद तक साफ है। NMC ने पहले भी ऐसे कई फर्जी नोटिसों को लेकर चेतावनी जारी की है। मौजूदा नियमों के अनुसार, NExT के लागू होने की तारीख और बैच को लेकर सरकार ने अभी तक कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई है। 2022 बैच के छात्रों को फिलहाल अपने मौजूदा करिकुलम और यूनिवर्सिटी एग्जाम्स पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। आयोग का कहना है कि जब भी ऐसा कोई बड़ा बदलाव होगा, उसे आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाएगा।

NExT एग्जाम क्यों है चर्चा में और क्या होंगे इसके फायदे?

NExT एग्जाम का उद्देश्य भारत में मेडिकल शिक्षा के स्तर को एक समान बनाना है। यह परीक्षा दो चरणों (Step 1 और Step 2) में आयोजित करने का प्रस्ताव है। इसके लागू होने से छात्रों को अलग-अलग पीजी प्रवेश परीक्षाओं और लाइसेंसिंग परीक्षाओं से मुक्ति मिलेगी। हालांकि, इसे लागू करने की प्रक्रिया में बार-बार हो रही देरी और अस्पष्टता के कारण छात्रों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों के बजाय केवल NMC की आधिकारिक गाइडलाइंस पर ही भरोसा करना चाहिए।