Types of savings account in India : बैंक खाता है? रुकिए! क्या आप भी कर रहे हैं यह गलती? जानें 2025 में आपके लिए कौन सा अकाउंट है सबसे बेस्ट
Types of savings account in India : हममें से ज्यादातर लोग जब बैंक में खाता खुलवाने जाते हैं, तो बैंक वाला जो फॉर्म पकड़ा देता है, हम बस उसे भरकर जमा कर देते हैं। हमें लगता है कि 'सेविंग्स अकाउंट' तो बस एक ही तरह का होता है। लेकिन यहीं हम सबसे बड़ी गलती कर बैठते हैं!
आज के जमाने में, बैंक आपकी अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग तरह के खाते ऑफर करते हैं, और हर खाते के अपने खास फायदे होते हैं। अगर आप सही खाता चुनें, तो आप न सिर्फ बिना वजह लगने वाले चार्ज से बच सकते हैं, बल्कि ज्यादा ब्याज और कई तरह की फ्री सुविधाएं भी पा सकते हैं।
तो चलिए, 2025 में जानते हैं कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा बचत खाता है सबसे बेस्ट:
1. रेगुलर सेविंग्स अकाउंट (आम आदमी का खाता)
- किसके लिए है: यह सबसे आम खाता है, जो हम सब इस्तेमाल करते हैं। अगर आप महीने में थोड़ा-बहुत लेनदेन करते हैं और खाते में कुछ पैसा रख सकते हैं, तो यह आपके लिए है।
- एक बात का ध्यान रखें: इसमें बैंक द्वारा तय 'मिनिमम मंथली बैलेंस' (जैसे ₹3000 या ₹5000) रखना जरूरी होता है, वरना पेनल्टी लग सकती है।
2. जीरो बैलेंस अकाउंट (नो टेंशन, नो चार्ज)
- किसके लिए है: उन लोगों के लिए (खासकर स्टूडेंट्स और कम कमाने वालों के लिए) जो खाते में हर समय पैसा बनाए रखने का झंझट नहीं पालना चाहते। प्रधानमंत्री जन धन योजना वाले खाते भी इसी तरह के होते हैं।
- सबसे बड़ा फायदा: अगर खाते में जीरो रुपये भी हों, तो भी कोई चार्ज या पेनल्टी नहीं लगती।
3. सैलरी अकाउंट (नौकरी करने वालों का 'वीआईपी' खाता)
- किसके लिए है: यह सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनकी कहीं नौकरी लगती है और कंपनी उनकी सैलरी भेजने के लिए यह खाता खुलवाती है।
- फायदे ही फायदे: इसमें जीरो बैलेंस की सुविधा होती है। साथ ही, मुफ्त चेकबुक, डेबिट कार्ड, और कई बार तो फ्री में एक्सीडेंटल बीमा भी मिल जाता है।
4. महिला बचत खाता (Women’s Special Account)
- किसके लिए है: बैंकों ने खास तौर पर महिलाओं के लिए यह खाता बनाया है।
- क्या है खास: इसमें शॉपिंग करने पर कैशबैक, लोन पर कम ब्याज, और लॉकर किराए पर भारी छूट जैसे स्पेशल फायदे मिलते हैं।
5. सीनियर सिटीजन अकाउंट (बुजुर्गों के सम्मान का खाता)
- किसके लिए है: 60 साल से ज्यादा उम्र के हमारे बड़े-बुजुर्गों के लिए।
- सबसे बड़ा फायदा: इसमें नॉर्मल खातों के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिलता है और बैंक में भी उन्हें लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता।
6. किड्स और माइनर अकाउंट (बच्चों की पहली गुल्लक)
- किसके लिए है: अगर आप अपने बच्चों में बचपन से ही पैसे बचाने की आदत डालना चाहते हैं।
- कैसे काम करता है: यह खाता माता-पिता की देखरेख में चलता है। जब बच्चा 18 साल का हो जाता है, तो यह अपने आप रेगुलर खाते में बदल जाता है।
7. फैमिली सेविंग्स अकाउंट (पूरे परिवार का एक खाता)
- किसके लिए है: अगर आपके पूरे परिवार (पति, पत्नी, बच्चे) का खाता एक ही बैंक में है।
- क्या है खास: इसमें बैंक पूरे परिवार के खातों को एक 'ग्रुप' बना देता है। इसका फायदा यह है कि अगर किसी एक सदस्य के खाते में मिनिमम बैलेंस कम भी हो, लेकिन परिवार के सभी खातों का कुल बैलेंस लिमिट से ज्यादा है, तो किसी पर भी पेनल्टी नहीं लगेगी।
तो अगली बार जब आप बैंक जाएं, तो क्लर्क से यह पूछना न भूलें कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा खाता सबसे बेस्ट रहेगा!