Tulsi Care Tips : चिलचिलाती धूप में सूखने लगा है तुलसी का पौधा? अपनाएं ये 5 आसान उपाय, हरा-भरा रहेगा आंगन
News India Live, Digital Desk : हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना जाता है। लगभग हर घर के आंगन में मौजूद तुलसी न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि इसमें कई औषधीय गुण भी छिपे होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे गर्मियों का पारा चढ़ता है, तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) के कारण तुलसी का पौधा सूखने या मुरझाने लगता है। अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि ज्यादा पानी देने के बावजूद पौधा काला क्यों पड़ रहा है। वास्तु और बागवानी विशेषज्ञों ने तुलसी को भीषण गर्मी में भी हरा-भरा रखने के कुछ अचूक तरीके बताए हैं।
तेज धूप से बचाव के लिए 'शेड' है जरूरी
तुलसी के पौधे को मध्यम धूप पसंद होती है, लेकिन दोपहर की सीधी और तेज धूप इसकी कोमल पत्तियों को झुलसा सकती है। यदि आपका पौधा छत या ऐसी जगह रखा है जहां दिन भर धूप रहती है, तो उसे दोपहर 12 से 4 बजे के बीच किसी छायादार स्थान पर शिफ्ट कर दें। यदि गमला भारी है, तो आप ऊपर से हरा नेट (Green Net) या सूती कपड़े का शेड बना सकते हैं। इससे पौधे को छनकर धूप मिलेगी और वह सूखेगा नहीं।
सिंचाई का सही समय और तरीका
गर्मियों में तुलसी में पानी देने का समय बहुत मायने रखता है। दोपहर की कड़ी धूप में पानी देने से बचें, क्योंकि उस समय मिट्टी गर्म होती है और पानी देने से जड़ें खराब हो सकती हैं। हमेशा सुबह जल्दी या सूरज ढलने के बाद ही पानी दें। साथ ही, पौधे की पत्तियों पर पानी का छिड़काव (Sprinkling) जरूर करें। इससे पत्तियों पर जमा धूल साफ होती है और पौधा तरोताजा महसूस करता है। ध्यान रहे कि गमले में जलभराव न हो, वरना जड़ें सड़ सकती हैं।
मंजरी की छंटाई करना न भूलें
तुलसी के पौधे पर जब मंजरी (बीज) आने लगती है, तो पौधे की विकास रुक जाता है क्योंकि पूरी ऊर्जा बीजों को पकाने में लगने लगती है। गर्मियों में जैसे ही मंजरी सूखने लगे, उसे तुरंत कैंची से काटकर हटा दें। मंजरी हटाने से पौधा नई शाखाएं निकालने लगता है और घना हो जाता है। हटाई गई मंजरी को आप वापस मिट्टी में डाल सकते हैं या चाय में इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्राकृतिक खाद और मिट्टी की गुड़ाई
महीने में कम से कम एक बार गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें। इससे जड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचती है। गर्मियों में केमिकल खाद के बजाय ठंडी खाद जैसे 'गोबर की खाद' या 'वर्मी कंपोस्ट' का प्रयोग करें। यदि पौधे में कीड़े लग रहे हैं, तो नीम के तेल (Neem Oil) को पानी में मिलाकर स्प्रे करें। यह पूरी तरह प्राकृतिक है और पौधे को नुकसान पहुंचाए बिना उसे सुरक्षित रखता है।
नमी बनाए रखने के लिए 'मल्चिंग' तकनीक
अगर आपके इलाके में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है, तो गमले की ऊपरी मिट्टी पर सूखे पत्ते या गीली घास की एक परत बिछा दें। इसे 'मल्चिंग' कहते हैं। यह तकनीक मिट्टी की नमी को जल्दी सूखने नहीं देती और जड़ों को ठंडा रखती है। इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप अपनी तुलसी को पूरी गर्मी लहलहाता हुआ देख सकते हैं।