ट्रंप का हॉटलाइन धमाका 21 घंटे में 12 बार ईरान से बातचीत, क्या झुक जाएगा तेहरान या शुरू होगा महायुद्ध?
News India Live, Digital Desk: मध्य-पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए खुद कमान संभाल ली है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पिछले 21 घंटों के भीतर ट्रंप और ईरानी नेतृत्व के बीच 'हॉटलाइन' पर रिकॉर्ड 12 बार बातचीत हुई है। इस मैराथन चर्चा के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या ईरान आखिरकार झुकने को तैयार है या फिर यह किसी बड़े तूफान से पहले की शांति है?
ट्रंप की सीधी बातचीत: कूटनीति या चेतावनी?
व्हाइट हाउस से जुड़े करीबी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बार किसी मध्यस्थ के बजाय सीधे संवाद का रास्ता चुना है। 21 घंटे के भीतर 12 बार फोन घनघनाना यह दर्शाता है कि मामला बेहद गंभीर है। ट्रंप की इस 'हॉटलाइन कूटनीति' का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय अस्थिरता के मुद्दे पर एक अंतिम समझौते की मेज पर लाना है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन बातचीत में ईरान का रुख कैसा रहा है, लेकिन इतनी बार संपर्क होना किसी बड़े समझौते की ओर इशारा कर रहा है।
तेहरान में हलचल: क्या मान जाएगा ईरान?
दूसरी ओर, ईरान के भीतर भी इस हाई-प्रोफाइल बातचीत को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों ने वहां की कमर तोड़ दी है, ऐसे में ट्रंप के साथ यह सीधा संवाद एक 'डील' का रास्ता खोल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप अपनी पुरानी 'मैक्सिमम प्रेशर' (Maximum Pressure) रणनीति के साथ-साथ संवाद का विकल्प भी खुला रख रहे हैं। यदि ईरान झुकता है, तो यह ट्रंप की विदेश नीति की अब तक की सबसे बड़ी जीत होगी।
दुनिया की नजरें टिकीं: शांति की उम्मीद या नया तनाव?
इस खबर के बाहर आने के बाद से इजरायल और खाड़ी देशों की धड़कनें बढ़ गई हैं। अगर अमेरिका और ईरान के बीच कोई गुप्त समझौता होता है, तो मध्य-पूर्व के समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे। वहीं, कूटनीति के कुछ जानकार इसे ट्रंप का मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का तरीका भी मान रहे हैं। सवाल वही है क्या 21 घंटे में हुई 12 कॉल किसी शांति संधि का मसौदा लिखेंगी या फिर बातचीत के नाकाम होने पर तनाव और भयावह रूप ले लेगा? फिलहाल, पूरी दुनिया सांसें रोककर अगली आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रही है।