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April 09 2026 01:24 am

अमेरिका और ईरान के महायुद्ध पर ट्रंप का सबसे बड़ा ऐलान,ईरान का खेल खत्म, हमारा मिशन लगभग पूरा

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News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया में हफ्तों से सुलग रही अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आग अब शांत होने की कगार पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महायुद्ध के जल्द खत्म होने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। गुरुवार सुबह (भारतीय समयानुसार) अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया कि उनके सशस्त्र बल जल्द ही अपना काम पूरा कर लेंगे क्योंकि अमेरिका के सभी रणनीतिक लक्ष्य लगभग हासिल कर लिए गए हैं। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि ईरान का मौजूदा शासन अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। इस ऐतिहासिक संबोधन के दौरान उन्होंने युद्ध में साथ देने वाले इजरायल, सऊदी अरब और यूएई समेत कई अहम सहयोगी देशों का भी आभार जताया।

अमेरिका का मुख्य लक्ष्य क्या था? देश के नाम अपने संबोधन में ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के स्पष्ट उद्देश्यों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि उनका मकसद बेहद सीधा और स्पष्ट था- हम व्यवस्थित तरीके से ईरानी शासन की उस ताकत और क्षमता को हमेशा के लिए नेस्तनाबूद कर रहे हैं, जिससे वह अमेरिका को धमकियां देता था या अपनी सीमाओं के बाहर अपना दबदबा दिखाता था। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना को अब पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है। इसके अलावा, उनकी वायुसेना और मिसाइल कार्यक्रमों को भी इतना गहरा नुकसान पहुंचाया गया है, जिसकी कल्पना भी उन्होंने पहले कभी नहीं की होगी।

'असाधारण रहा सेना का प्रदर्शन, जल्द पूरा होगा मिशन' अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सेना की जमकर पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना का प्रदर्शन असाधारण रहा है और इतिहास में ऐसा अदम्य साहस पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि सेना अपने मिशन को पूरा करने के बेहद करीब है। इस दौरान ट्रंप ने उन 13 वीर अमेरिकी सैनिकों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस युद्ध में अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने कहा कि इन योद्धाओं ने अपना बलिदान इसलिए दिया ताकि भविष्य में हमारे बच्चों को एक परमाणु हथियार संपन्न ईरान के खौफ का सामना न करना पड़े। ट्रंप ने भावुक होते हुए बताया कि पिछले एक महीने में वह दो बार एयर फोर्स बेस गए, ताकि युद्धभूमि से लौट रहे नायकों का स्वागत कर सकें। अब इस मिशन को पूरा करके ही उन वीर सपूतों को सच्चा सम्मान दिया जाएगा।

मिडिल ईस्ट के इन देशों को ट्रंप ने कहा 'थैंक्स' ईरान पर नकेल कसने में अमेरिका का साथ देने वाले खाड़ी देशों का ट्रंप ने विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने इजरायल, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत और बहरीन को एक बेहतरीन सहयोगी बताया। ट्रंप ने कसम खाई कि अमेरिका इन देशों को कोई नुकसान नहीं पहुंचने देगा और न ही उन्हें कभी कमजोर होने देगा। गौरतलब है कि युद्ध के दौरान ही ऐसी खुफिया खबरें सामने आई थीं कि यूएई और सऊदी अरब खुले तौर पर अमेरिका का समर्थन करने की रणनीति बना रहे हैं।

बौखलाए ईरान का खाड़ी देशों (GCC) पर खौफनाक पलटवार एक तरफ अमेरिका अपनी जीत का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ बौखलाए ईरान ने खाड़ी देशों (GCC) में भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ ड्रोन हमले किए हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। बुधवार को कुवैत के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने जानकारी दी कि उनके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बड़ा ईरानी ड्रोन हमला हुआ है, जिससे ईंधन टैंकों में भीषण आग लग गई (हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ)। इसके अलावा, बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी अपने यहां एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में आग लगने की पुष्टि की है। वहीं, कतर के तट के पास एक ऑयल टैंकर को भी निशाना बनाए जाने की खौफनाक खबरें हैं। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त बमबारी के जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि वह खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों और अहम बुनियादी ढांचे को इसी तरह खाक में मिलाता रहेगा।