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April 18 2026 10:01 am

अमेरिका में अवैध प्रवासियों पर ट्रंप का बड़ा प्रहार ,दलीला कोलमैन एक्ट से छीनी जाएगी ड्राइविंग की आजादी

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News India Live, Digital Desk: अमेरिका के नवनियुक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अवैध प्रवासियों (Illegal Immigrants) के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने अब 'दलीला कोलमैन एक्ट' (Dalilah Coleman Act) का प्रस्ताव पेश किया है, जिसका सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा जो बिना वैध दस्तावेजों के अमेरिका में रह रहे हैं। इस कानून का मकसद अवैध प्रवासियों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने पर पूरी तरह से रोक लगाना है।

क्या है 'दलीला कोलमैन एक्ट'?

यह प्रस्तावित कानून एक दुखद सड़क हादसे की पृष्ठभूमि पर आधारित है। दलीला कोलमैन नाम की एक अमेरिकी नागरिक की मृत्यु एक ऐसे अवैध प्रवासी द्वारा संचालित वाहन से टकराने के कारण हुई थी, जिसके पास न तो वैध वीजा था और न ही पर्याप्त दस्तावेज।

मुख्य उद्देश्य: अवैध प्रवासियों को राज्य स्तर पर मिलने वाले ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा को खत्म करना।

राष्ट्रीय सुरक्षा: ट्रंप का मानना है कि इस कदम से न केवल सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान और उन पर नकेल कसना आसान होगा।

प्रताप सिंह केस ने बढ़ाई मुश्किलें

इस कानून की चर्चा के बीच प्रताप सिंह (Pratap Singh) का मामला भी सुर्खियों में है। रिपोर्ट के अनुसार, बिना वैध दस्तावेजों के गाड़ी चलाने और नियमों के उल्लंघन के मामलों ने अमेरिकी प्रशासन को सख्त रुख अपनाने पर मजबूर किया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि "अमेरिकी सड़कों पर चलने का अधिकार केवल उन लोगों को है जो कानून का पालन करते हुए यहाँ रह रहे हैं।"

ट्रंप के इस फैसले का क्या होगा असर?

लाइसेंस रद्द होना: अगर यह एक्ट लागू होता है, तो कई राज्यों (जैसे कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क) में अवैध प्रवासियों को दिए गए लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।

पकड़े जाने का डर: बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर प्रवासियों को सीधे डिपोर्ट (Deport) किए जाने या जेल जाने का खतरा बढ़ जाएगा।

रोजगार पर संकट: अमेरिका में काम पर जाने के लिए निजी वाहन एक जरूरत है। लाइसेंस न होने से अवैध प्रवासियों की आजीविका पर गहरा असर पड़ेगा।

विपक्ष और मानवाधिकार समूहों का तर्क

जहाँ ट्रंप समर्थक इसे 'अमेरिका फर्स्ट' की नीति का हिस्सा मान रहे हैं, वहीं विपक्षी दल और कुछ संगठन इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बता रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे सड़कों पर दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं क्योंकि लोग बिना ट्रेनिंग और बीमा के गाड़ी चलाएंगे।

ट्रंप का कड़ा संदेश: “हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं करेंगे। जो लोग अवैध रूप से हमारी सीमा पार करते हैं, उन्हें विशेषाधिकार नहीं दिए जाएंगे।”