अमेरिका में महंगाई का ट्रम्प कार्ड ड्रैगन पर वार लेकिन जेब कटेगी अमेरिकियों की, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
News India Live, Digital Desk : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा विदेशी सामानों पर भारी टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने के फैसले ने वैश्विक बाजार के साथ-साथ खुद अमेरिकी नागरिकों की नींद उड़ा दी है। एक ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रम्प की 'रिटालिएटरी टैरिफ' (प्रतिशोधात्मक शुल्क) नीति का सबसे बुरा असर चीन या अन्य देशों पर नहीं, बल्कि सीधे तौर पर अमेरिकी उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला है।
क्या है ट्रम्प का नया 'टैरिफ वॉर'?
अपने "अमेरिका फर्स्ट" विजन के तहत राष्ट्रपति ट्रम्प ने चीन, मेक्सिको और कनाडा जैसे देशों से आने वाले सामानों पर भारी आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। ट्रम्प का तर्क है कि इससे घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन अर्थशास्त्रियों की राय इसके ठीक उलट है। रिपोर्ट बताती है कि जब कंपनियां बाहर से सामान मंगवाने पर अधिक टैक्स चुकाएंगी, तो वे इसकी वसूली ग्राहकों से ही करेंगी।
महंगी हो जाएंगी रोजमर्रा की चीजें
इस टैरिफ युद्ध के कारण अमेरिकी बाजारों में निम्नलिखित चीजों के दाम आसमान छू सकते हैं:
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य गैजेट्स की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है।
ऑटोमोबाइल: कारों के कलपुर्जे महंगे होने से नई गाड़ियों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
कपड़े और जूते: वियतनाम और चीन से आने वाले कपड़ों पर टैक्स का सीधा असर मध्यम वर्ग पर पड़ेगा।
किचन का सामान: कॉफी मेकर से लेकर टोस्टर तक, हर छोटी-बड़ी चीज महंगी हो सकती है।
आम जनता पर दोहरी मार
विशेषज्ञों का कहना है कि एक तरफ जहाँ ट्रम्प प्रशासन इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए मास्टरस्ट्रोक बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम अमेरिकी नागरिक बढ़ती महंगाई (Inflation) से त्रस्त होने वाले हैं। फेडरल रिजर्व की रिपोर्ट भी संकेत दे रही है कि यदि टैरिफ इसी तरह लागू रहे, तो अमेरिका में जीवनयापन की लागत (Cost of Living) पिछले एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुँच सकती है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
चीन और यूरोपीय संघ ने भी संकेत दिए हैं कि यदि अमेरिका ने टैरिफ नहीं घटाए, तो वे भी अमेरिकी उत्पादों (जैसे सोयाबीन और विमानों) पर भारी टैक्स लगाएंगे। इससे एक 'ग्लोबल ट्रेड वॉर' की स्थिति पैदा हो गई है, जिसका सीधा असर वैश्विक शेयर बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है।