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April 10 2026 04:08 pm

Truecaller की छुट्टी BSNL ला रहा है अपनी धांसू Caller Name सर्विस अब बिना ऐप दिखेगा कॉलर का असली नाम

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News India Live, Digital Desk: अगर आप भी अनजान नंबरों से आने वाली स्पैम कॉल्स और फर्जी कॉलर्स से परेशान हैं, तो अब आपको मोबाइल में 'ट्रूकॉलर' (Truecaller) जैसे विदेशी ऐप्स रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) एक ऐसी स्वदेशी तकनीक पर काम कर रही है, जो सीधे आपके सिम कार्ड और केवाईसी (KYC) डेटा के आधार पर कॉल करने वाले का असली नाम आपकी स्क्रीन पर फ्लैश कर देगी। इस नई सर्विस का नाम CNAP (Calling Name Presentation) रखा गया है, जिसे जल्द ही पूरे देश में लागू करने की तैयारी है।

क्या है BSNL की CNAP सेवा और कैसे करेगी काम? मौजूदा समय में ट्रूकॉलर जैसे ऐप्स 'क्राउडसोर्सिंग' के जरिए नाम दिखाते हैं, जो कई बार गलत या मजाकिया भी हो सकते हैं। लेकिन BSNL की CNAP सेवा पूरी तरह से 'KYC आधारित' होगी। इसका मतलब है कि जब कोई आपको फोन करेगा, तो टेलीकॉम कंपनी के डेटाबेस में दर्ज उसका असली नाम (जो आधार या आईडी कार्ड पर है) आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसके लिए यूजर को अपने फोन में कोई भी एक्स्ट्रा ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी, यह फीचर फोन के नेटवर्क स्तर पर ही काम करेगा।

Jio, Airtel और Vi के साथ होगा बड़ा इंटीग्रेशन खबर है कि BSNL इस सर्विस को केवल अपने नेटवर्क तक सीमित नहीं रखेगा। दूरसंचार नियामक ट्राई (TRAI) के निर्देशों के अनुसार, BSNL इस तकनीक को रिलायंस जियो (Jio), एयरटेल (Airtel) और वोडाफोन-आइडिया (Vi) के साथ इंटीग्रेट करने की योजना बना रहा है। इसका फायदा यह होगा कि यदि कोई जियो यूजर किसी BSNL यूजर को फोन करता है, तो भी उसका सही नाम दिखाई देगा। इस 'इंटर-ऑपरेबिलिटी' से फर्जीवाड़े और साइबर फ्रॉड की घटनाओं में भारी कमी आने की उम्मीद है।

ट्रूकॉलर के लिए क्यों खड़ा हुआ बड़ा खतरा? अभी तक बाजार में ट्रूकॉलर का एकछत्र राज था, लेकिन प्राइवेसी को लेकर अक्सर उस पर सवाल उठते रहे हैं। BSNL की यह नई सर्विस सरकारी सुरक्षा मानकों के अधीन होगी और इसमें डेटा लीक होने का खतरा न के बराबर होगा। चूंकि यह फीचर फोन के इन-बिल्ट डायलर में ही काम करेगा, इसलिए लो-एंड स्मार्टफोन या फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए यह गेमचेंजर साबित होगा।

स्पैम कॉल्स और साइबर ठगी पर लगेगा लगाम सरकार का मुख्य उद्देश्य डिजिटल इंडिया को सुरक्षित बनाना है। CNAP सर्विस लागू होने के बाद बैंक अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बनकर ठगी करने वाले गिरोहों की पहचान करना आसान हो जाएगा। लोग अनजान नंबर उठाने से पहले यह जान सकेंगे कि कॉल वाकई में जरूरी है या नहीं। बताया जा रहा है कि इस सर्विस का ट्रायल अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे कमर्शियल तौर पर रोलआउट किया जा सकता है।