UPI PIN भूल गए तो टेंशन खत्म अब BHIM ऐप पर फिंगरप्रिंट और चेहरे से होगा 5000 तक का पेमेंट, जानें पूरा तरीका
News India Live, Digital Desk: डिजिटल इंडिया के दौर में यूपीआई (UPI) पेमेंट करने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। अक्सर लोग जल्दबाजी में अपना यूपीआई पिन (UPI PIN) भूल जाते हैं या गलत पिन डालने की वजह से ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। इसी समस्या का समाधान करते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की इकाई NBSL ने BHIM ऐप पर एक क्रांतिकारी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर लॉन्च किया है। अब आप बिना पिन डाले, सिर्फ अपने फिंगरप्रिंट या फेस आईडी (Face ID) के जरिए ₹5000 तक का भुगतान कर सकेंगे।
पिन की झंझट खत्म, अब अंगूठा लगाते ही होंगे पैसे ट्रांसफर एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (NBSL) द्वारा पेश किया गया यह नया फीचर खासतौर पर छोटे और रोजमर्रा के ट्रांजैक्शन को तेज बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। अब तक हर छोटे-बड़े पेमेंट के लिए 4 या 6 अंकों का गुप्त पिन डालना अनिवार्य था, लेकिन अब ₹5000 तक की राशि के लिए आप अपने स्मार्टफोन के इन-बिल्ट बायोमेट्रिक सेंसर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा एंड्रॉइड (Android) और आईओएस (iOS) दोनों तरह के स्मार्टफोन यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दी गई है।
कैसे काम करता है यह नया 'बायोमेट्रिक मोड'? यह तकनीक आपके फोन के सुरक्षा सिस्टम का उपयोग करती है। जब आप पेमेंट के लिए 'पे' बटन पर क्लिक करेंगे, तो ऐप आपसे पिन के बजाय फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक का विकल्प पूछेगा। जैसे ही आपका फोन आपकी पहचान कन्फर्म करेगा, पैसा तुरंत ट्रांसफर हो जाएगा। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ₹5000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए अभी भी यूपीआई पिन डालना अनिवार्य होगा, ताकि बड़े पेमेंट पूरी तरह सुरक्षित रहें।
BHIM ऐप पर ऐसे एक्टिवेट करें यह जादुई फीचर अगर आप भी इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको बस कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे। सबसे पहले अपने BHIM ऐप को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करें। इसके बाद ऐप खोलकर 'प्रोफाइल' सेक्शन में जाएं। यहाँ अपने उस बैंक अकाउंट को चुनें जिससे आप ट्रांजैक्शन करना चाहते हैं। यहाँ आपको 'एक्टिवेट बायोमेट्रिक ट्रांजैक्शन' (Activate Biometric Transactions) का विकल्प दिखेगा, जिसे ऑन करते ही आपका काम हो जाएगा। अगली बार पेमेंट करते समय आपको पिन याद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सुरक्षा का भी रखा गया है पूरा ख्याल कई लोगों के मन में प्राइवेसी को लेकर सवाल हो सकते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह पिन के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित है। चूंकि बायोमेट्रिक डेटा आपके फोन के भीतर ही स्टोर रहता है और किसी बाहरी सर्वर पर नहीं भेजा जाता, इसलिए डेटा चोरी होने का खतरा न के बराबर है। साथ ही, इससे पिन शेयरिंग या कंधे के पीछे से पिन देख लेने जैसी धोखाधड़ी की घटनाओं पर भी लगाम लगेगी।