सफर का मजा हो जाता है किरकिरा? घबराहट और चक्कर को कहें अलविदा, इन देसी और असरदार तरीकों से
News India Live, Digital Desk: क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि सफर के दौरान सिर भारी होने लगे या बार-बार उल्टी जैसा महसूस हो? घबराइये नहीं, यह कोई बीमारी नहीं है। दरअसल, जब हमारी आँखों और कानों (जो शरीर का बैलेंस बनाते हैं) के बीच का तालमेल बिगड़ जाता है, तो दिमाग कंफ्यूज हो जाता है। आँखों को लगता है कि हम एक जगह बैठे हैं (जैसे कार की सीट पर), लेकिन कान और शरीर उस मूवमेंट (हलचल) को महसूस कर रहे होते हैं। बस यही उलझन आपके पेट में हलचल पैदा कर देती है।
इसके कुछ खास लक्षण होते हैं जैसे ठंडा पसीना आना, चक्कर, जी मिचलाना और सिरदर्द। अच्छी बात यह है कि कुछ सावधानियों के साथ आप अपनी हर यात्रा को सुकून भरा बना सकते हैं।
मोशन सिकनेस से बचने के 5 अचूक तरीके
1. अपनी जगह (Seat) का सही चुनाव करें
सफर में आप कहाँ बैठे हैं, यह बहुत मायने रखता है। अगर कार में हैं, तो आगे की सीट (Co-driver's seat) पर बैठें। बस या ट्रेन में कोशिश करें कि पहियों के ऊपर वाली सीट न हो। प्लेन में विंग्स (पंखों) के पास बैठना सबसे बेहतर माना जाता है। जितनी कम हलचल होगी, उतना ही मन शांत रहेगा।
2. बाहर की हवा और खुलेपन का मज़ा लें
बंद शीशे और एसी वाली कारों में अक्सर 'घुटन' महसूस होती है जो समस्या बढ़ा देती है। कोशिश करें कि खिड़की थोड़ी खुली रहे ताकि ताजी हवा आपको मिलती रहे। हवा के सीधे संपर्क में आने से आपका दिमाग खुद को ज्यादा तरोताजा महसूस करता है।
3. नजरें कहाँ हों? यह ज़रूरी है
अक्सर हम टाइम पास करने के लिए फोन पर वीडियो देखने लगते हैं या किताबें पढ़ने लगते हैं। यह मोशन सिकनेस को तुरंत दावत देने जैसा है। इसके बजाय, खिड़की से बाहर क्षितिज (Horizon) को देखें यानी बहुत दूर वाली जगह पर नज़रें टिकाएं। इससे आपकी आँखों और कानों का तालमेल वापस जुड़ जाता है।
4. खाने-पीने का रखें ध्यान
सफर से ठीक पहले बहुत भारी या मसालेदार खाना न खाएं। लेकिन ध्यान रहे, पेट को एकदम खाली भी न रखें। हल्का भोजन करें। पानी की बोतल साथ रखें और समय-समय पर घूँट भरते रहें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। शराब या स्मोकिंग से कोसों दूर रहें, यह हालत बिगाड़ सकते हैं।
5. किचन के कुछ 'देसी जादू'
अदरक का एक छोटा टुकड़ा मुँह में रखना या अदरक वाली चाय पीना मोशन सिकनेस के लिए दुनिया का सबसे बेहतरीन घरेलू उपाय है। इसके अलावा नींबू सूंघने या पुदीने की कैंडी से भी बहुत राहत मिलती है। यह छोटी-छोटी चीज़ें सफर के दौरान बहुत बड़ी मददगार साबित होती हैं।