पर्यटकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी! दिल्ली से नैनीताल का सफर अब सिर्फ 3 घंटे में होगा पूरा
गर्मी के मौसम में या वीकेंड पर दिल्ली-एनसीआर की भागदौड़ और प्रदूषण भरी जिंदगी से राहत पाने के लिए पहाड़ों का रुख करने वाले पर्यटकों के लिए एक बेहद बड़ी और शानदार खुशखबरी सामने आई है। उत्तराखंड के खूबसूरत हिल स्टेशन नैनीताल (Nainital) जाने वाले यात्रियों को अब सड़कों पर लगने वाले लंबे और थकाऊ ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिलने जा रही है। सरकार के नए और महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद अब दिल्ली से नैनीताल की दूरी बेहद सिमट जाएगी। जो सफर पहले पूरा दिन ले लेता था, वह अब सिर्फ और सिर्फ 3 घंटे में पूरा हो सकेगा। इस नए रूट के शुरू होने से न केवल समय की भारी बचत होगी, बल्कि पहाड़ों का सफर भी आधा और बेहद आरामदायक हो जाएगा। आइए ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से जानते हैं कि इस नए एक्सप्रेसवे का रूट क्या है और इससे यात्रियों को क्या-क्या बड़े फायदे होने वाले हैं।
पुराने रूट के भारी ट्रैफिक और घंटों लंबे जाम से मिलेगी हमेशा के लिए निजात
वर्तमान में अगर कोई व्यक्ति दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा नैनीताल की यात्रा करता है, तो उसे मुरादाबाद, रामपुर, बिलासपुर और रुद्रपुर या बाजपुर जैसे भारी ट्रैफिक वाले इलाकों से होकर गुजरना पड़ता है। इस पारंपरिक रूट पर जगह-जगह लगने वाले जाम, सिंगल लेन की सड़कों और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दिल्ली से नैनीताल पहुंचने में कम से कम 6 से 7 घंटे का लंबा समय लग जाता है। वीकेंड और छुट्टियों के दिनों में तो यह समय बढ़कर 8 से 9 घंटे तक पहुंच जाता है, जिससे पर्यटकों की आधी ऊर्जा सफर में ही खत्म हो जाती है। लेकिन नया एक्सप्रेसवे इस पूरी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए तैयार किया गया है, जो सीधे पहाड़ों की तलहटी को देश की राजधानी से जोड़ देगा।
जानिए क्या है नए एक्सप्रेसवे का रूट और कैसे आधा हो जाएगा पहाड़ों का सफर
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा तैयार किए जा रहे इस नए हाई-स्पीड कॉरिडोर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और आगे के नए लिंक हाईवे से कनेक्ट होगा। यह आधुनिक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को बाईपास करते हुए सीधे उधम सिंह नगर जिले के हल्द्वानी और काठगोदाम तक पहुंचेगा, जिसे नैनीताल का मुख्य प्रवेश द्वार कहा जाता है। इस पूरे रूट को फोर-लेन और सिक्स-लेन कंक्रीट रोड में बदला जा रहा है, जिस पर वाहन 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बिना किसी बाधा के दौड़ सकेंगे। काठगोदाम पहुंचने के बाद नैनीताल की पहाड़ी चढ़ाई शुरू होती है, जिससे दिल्ली से पहाड़ों की रानी तक का कुल सफर महज 180 मिनट यानी 3 घंटे के आसपास सिमट जाएगा।
पर्यटन को मिलेगा जबर्दस्त बढ़ावा, स्थानीय कारोबारियों के खिले चेहरे
सफर का समय आधा होने के इस ऐतिहासिक फैसले और निर्माण कार्य से उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग में एक बहुत बड़ा उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है। अब दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के लोग बिना किसी लंबी प्लानिंग के सिर्फ एक दिन के वीकेंड पर भी आसानी से नैनीताल की वादियों का लुत्फ उठाकर वापस लौट सकेंगे। सफर आसान होने से न सिर्फ नैनीताल बल्कि इसके आसपास के अन्य खूबसूरत पर्यटन स्थलों जैसे भीमताल, सातताल, नौकुचियाताल और अल्मोड़ा जाने वाले यात्रियों की संख्या में भी भारी रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी। इस खुशखबरी के बाद उत्तराखंड के स्थानीय होटल व्यवसायियों, टैक्सी ऑपरेटरों और छोटे दुकानदारों के चेहरे खिल गए हैं, क्योंकि पर्यटकों की आमद बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी।