नैनीताल, भीमताल और सातताल से हटकर उत्तराखंड की इन 5 खूबसूरत 'हिडन लोकेशन' पर डालें नजर
उत्तराखंड की हसीन वादियों में जब भी घूमने की बात आती है, तो सबसे पहले पर्यटकों की जुबान पर नैनीताल, भीमताल और सातताल जैसे मशहूर तालों का ही नाम आता है। यही वजह है कि सालभर इन लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का भारी रेला लगा रहता है, जिससे कई बार वहां वह सुकून और शांति नहीं मिल पाती जिसकी तलाश में लोग पहाड़ों की तरफ रुख करते हैं। अगर आप भी इस बार की छुट्टियों या वीकेंड पर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ प्राकृतिक सुंदरता अपनी पूरी रोनक के साथ बिखरती हो और जहाँ आम टूरिस्टों की भीड़भाड़ न के बराबर हो, तो उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के आस-पास मौजूद ये छिपे हुए खूबसूरत ठिकाने (Hidden Gems) आपके लिए एकदम परफेक्ट साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन गुप्त और अद्भुत जगहों के बारे में।
नौकुचियाताल और खुर्पाताल से आगे, प्रकृति की गोद में बसा नौकुचियाताल का शांत कोना
नैनीताल जिले की भीड़भाड़ से थोड़ी ही दूरी पर स्थित नौकुचियाताल और उसके आसपास के इलाके अभी भी अपनी कुंवारी खूबसूरती के लिए पहचाने जाते हैं। नौ कोणों वाले इस रहस्यमयी ताल के चारों ओर फैले हरे-भरे जंगल और चीड़ के लंबे पेड़ सैलानियों का मन मोह लेते हैं। यहाँ की आबोहवा में एक ऐसा सुकून है जो आपको शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से पूरी तरह दूर ले जाता है। बर्ड वॉचिंग (पक्षी प्रेमियों) और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है, क्योंकि यहाँ आपको दुर्लभ प्रजाति के पक्षी और एकांत में बहती ठंडी हवा का अहसास आसानी से मिल जाएगा।
मुक्तेश्वर के पास छुपा 'भेड़ाघाट' और पंगनाथ की हसीन वादियाँ
मुक्तेश्वर और रामगढ़ की पहाड़ियों के बीच कुछ ऐसी छोटी और अनजान जगहें छिपी हैं, जहाँ कम ही पर्यटकों की नजर पहुंच पाती है। मुक्तेश्वर के मुख्य बाजार से थोड़ा आगे बढ़ने पर ऐसी कई घाटियां और ट्रेकिंग ट्रेल्स मिलते हैं, जो सीधे बादलों के बीच ले जाते हैं। यहाँ से बर्फ से ढकी हिमालय की विशाल चोटियों का जो विहंगम नजारा दिखाई देता है, वह नैनीताल की भीड़ में बैठकर कभी नहीं मिल सकता। स्थानीय संस्कृति और पहाड़ी जीवनशैली को बेहद करीब से देखने के लिए इन अनछुए गांवों की यात्रा करना किसी रोमांचक अनुभव से कम नहीं है।
रामगढ़ और सतखोल: सेब के बागों के बीच बसा एक अनदेखा स्वर्ग
नैनीताल जिले का ही रामगढ़ अपनी ठंडी जलवायु और मीठे फलों के बागों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके भीतर बसा 'सतखोल' नाम का छोटा सा गांव अभी भी पर्यटकों की नजरों से काफी हद तक ओझल है। सतखोल में आपको बड़े-बड़े सेब, आड़ू और खुबानी के बाग मिलेंगे, जहाँ आप प्रकृति के बीच शांति से कुछ वक्त बिता सकते हैं। यहाँ होमस्टे कल्चर तेजी से विकसित हो रहा है, जहाँ आपको शुद्ध पहाड़ी खाना और स्थानीय आतिथ्य का अनूठा अनुभव मिलेगा। वीकेंड पर बिना किसी शोर-शराबे के मानसिक शांति पाने के लिए यह लोकेशन उत्तराखंड के सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक है।