Tourist Vehicle New Rule : अब हर 2 महीने में घर लौटना होगा अनिवार्य परिवहन मंत्रालय ने टूरिस्ट गाड़ियों के लिए लागू किया सख्त नियम
News India Live, Digital Desk : अगर आप टूरिस्ट वाहन ऑपरेटर हैं या ऑल इंडिया परमिट वाली गाड़ियों से व्यवसाय करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने नियमों में बड़ा संशोधन करते हुए यह अनिवार्य कर दिया है कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) के तहत पंजीकृत हर वाहन को हर दो महीने में कम से कम एक बार अपने मूल राज्य (जहाँ वह रजिस्टर्ड है) में वापस लौटना होगा।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
सरकार के संज्ञान में आया था कि कई टूरिस्ट वाहन एक राज्य में रजिस्टर होकर महीनों तक दूसरे राज्यों में ही चलते रहते हैं। इससे स्थानीय टैक्स और नियमों का उल्लंघन हो रहा था।
टैक्स की चोरी रोकना: कुछ राज्यों में रजिस्ट्रेशन सस्ता होने के कारण लोग वहां गाड़ी रजिस्टर कराकर दूसरे महंगे टैक्स वाले राज्यों में व्यापार करते हैं।
ट्रैकिंग और सुरक्षा: इस नियम से वाहनों की लोकेशन और उनके फिटनेस की ट्रैकिंग आसान हो जाएगी।
नए नियम की मुख्य बातें:
60 दिनों की समय सीमा: वाहन को अधिकतम 60 दिनों के भीतर अपने गृह राज्य की सीमा में प्रवेश करना होगा।
डिजिटल ट्रैकिंग: वाहनों की आवाजाही पर फास्टैग (FASTag) और GPS के जरिए नजर रखी जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नियम का पालन हो रहा है।
परमिट रद्द होने का खतरा: अगर कोई वाहन निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने राज्य में वापस नहीं लौटता है, तो उसका 'ऑल इंडिया परमिट' रद्द किया जा सकता है और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
टूरिस्ट ऑपरेटरों पर क्या होगा असर?
इस नियम से उन ऑपरेटरों को मुश्किल हो सकती है जो लंबी दूरी के टूर या अन्य राज्यों में लीज पर गाड़ियां चलाते हैं। उन्हें अब हर दो महीने में गाड़ी को वापस बुलाने के लिए अतिरिक्त फ्यूल और समय खर्च करना होगा। हालांकि, सरकार का मानना है कि इससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर में पारदर्शिता आएगी और 'वन नेशन, वन टैक्स' की भावना को मजबूती मिलेगी।
आम यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
आम यात्रियों पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन लंबी अवधि के लिए गाड़ी बुक करने वालों को अब परमिट की समय सीमा और गाड़ी के होम स्टेट की जानकारी का ध्यान रखना होगा।