Digital Entertainment : टीवी को भूल चुकी है आज की पीढ़ी? भारतीय अब हर रोज 1 घंटे से ज्यादा बिता रहे हैं यूट्यूब पर
News India Live, Digital Desk: Digital Entertainment : एक ज़माना था जब घर के सभी लोग एक साथ बैठकर टीवी देखा करते थे। शाम होते ही "ये रिश्ता क्या कहलाता है" से लेकर रात के "क्राइम पेट्रोल" तक, टीवी हमारे मनोरंजन का अकेला राजा हुआ करता था। लेकिन अब ज़माना बदल गया है। रिमोट की लड़ाई खत्म हो गई है, क्योंकि घर के हर सदस्य ने अपना-अपना 'मनोरंजन का पिटारा' अपनी जेब में रख लिया है, और उसका नाम है - यूट्यूब (YouTube)।
गूगल के सालाना इवेंट 'यूट्यूब ब्रांडकास्ट 2025' में कुछ ऐसे चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जो यह साबित करते हैं कि मनोरंजन की दुनिया का बादशाह अब बदल चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, आज एक औसत भारतीय हर दिन एक घंटे से भी ज़्यादा का समय यूट्यूब पर वीडियो देखने में बिता रहा है!
यह सिर्फ़ एक आंकड़ा नहीं है, यह हमारी बदलती आदतों की पूरी कहानी कहता है।
तो आख़िर टीवी से क्यों ऊब रहे हैं लोग?
इसके पीछे कई बड़ी वजहें हैं, जो यूट्यूब को टीवी के मुकाबले कहीं ज़्यादा आकर्षक बनाती हैं।
- अपनी मर्जी का कंटेंट, अपनी मर्जी के समय पर: टीवी पर आपको वही देखना पड़ता है, जो चैनल वाले दिखा रहे हैं। लेकिन यूट्यूब पर आपकी दुनिया आपकी मुट्ठी में है। आपको कॉमेडी देखनी है, खाना बनाना सीखना है, पढ़ाई करनी है, या अपनी पसंदीदा फिल्म का गाना सुनना है - सब कुछ बस एक क्लिक की दूरी पर है।
- छोटे-छोटे वीडियो, बड़ा मनोरंजन: आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में किसी के पास तीन घंटे की फिल्म या आधे-आधे घंटे के सीरियल देखने का वक्त नहीं है। यूट्यूब पर मौजूद शॉर्ट्स (Shorts) और छोटे-छोटे वीडियो लोगों को कम समय में मनोरंजन का पूरा डोज़ दे देते हैं।
- सिर्फ मनोरंजन नहीं, ज्ञान का भंडार भी: यूट्यूब अब सिर्फ गाने-बजाने का प्लेटफ़ॉर्म नहीं रहा। यह देश का सबसे बड़ा 'फ्री स्कूल' बन गया है। लाखों छात्र यहीं से पढ़ाई कर रहे हैं, लोग नई-नई चीजें (Skills) सीख रहे हैं, किसान खेती के नए तरीके जान रहे हैं और गृहणियां नए पकवान बनाना सीख रही हैं।
- लोकल हीरो का ज़माना: यूट्यूब ने छोटे-छोटे शहरों और गांवों में छुपी प्रतिभा को भी एक बड़ा मंच दिया है। आज हर कोई अपना कंटेंट बनाकर स्टार बन सकता है। लोग अब बड़े फ़िल्मी सितारों से ज़्यादा इन अपने जैसे दिखने वाले 'कंटेंट क्रिएटर्स' से जुड़ना पसंद कर रहे हैं।
बढ़ता इंटरनेट, बढ़ता यूट्यूब
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है भारत में तेज़ी से बढ़ता और सस्ता होता इंटरनेट। जब हर हाथ में स्मार्टफ़ोन और इंटरनेट है, तो लोग टीवी के सामने क्यों बंधकर रहना चाहेंगे? यूट्यूब की सीईओ, नील मोहन ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारत, यूट्यूब के लिए दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक है।
साफ़ है, यूट्यूब अब सिर्फ़ एक वीडियो-शेयरिंग वेबसाइट नहीं, बल्कि भारत का नया कल्चर बन चुका है। यह वो जगह है, जहाँ भारत देख भी रहा है, सीख भी रहा है और अपनी कहानियाँ दुनिया को सुना भी रहा है।