चुप्पी साध लेना कोई बाउंड्री नहीं संजय दत्त की बेटी त्रिशाला ने ये किसे दी नसीहत?
News India Live, Digital Desk: हम सबने कभी न कभी ऐसा किया है जब हम किसी (खासकर पार्टनर या दोस्त) से नाराज होते हैं, तो उनसे बात करना बंद कर देते हैं। हम इसे अपनी 'नाराजगी' जताना कहते हैं। लेकिन संजय दत्त की बेटी त्रिशाला दत्त का कहना है कि यह तरीका दरअसल एक तरह का मानसिक खेल या 'मैनिपुलेशन' है।
त्रिशाला ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें 'साइलेंट ट्रीटमेंट' (Silent Treatment) की असलियत बताई गई है। यह उन लोगों के लिए आईना दिखाने जैसा है जो चुप रहकर सामने वाले को तड़पाने में यकीन रखते हैं।
चुप्पी और बाउंड्री में फर्क है
त्रिशाला ने अपनी पोस्ट में साफ समझाया कि 'बाउंड्री' (दायरा) बनाने और 'चुप्पी साधने' में जमीन-आसमान का फर्क होता है।
- बाउंड्री बनाना: इसका मतलब है कि आप अपनी सुरक्षा के लिए कुछ नियम बनाते हैं। जैसे— "मुझे अभी थोड़ा समय चाहिए," या "मैं इस बारे में अभी बात नहीं करना चाहता/चाहती।" यह खुद को बचाने के लिए है।
- साइलेंट ट्रीटमेंट: इसका मकसद सामने वाले को सजा देना (Punish) होता है। जब आप सामने वाले के मैसेज या कॉल का जवाब जानबूझकर इसलिए नहीं देते ताकि उसे बुरा लगे, तो वह एक तरह का 'इमोशनल मैनिपुलेशन' है।
"सजा देने वाली खामोशी..."
त्रिशाला ने जो नोट शेयर किया, उसमें लिखा था "जो चुप्पी किसी को सजा देने के लिए इस्तेमाल की जाती है, वो बाउंड्री नहीं होती। वो इमोशनल मैनिपुलेशन (Emotional Manipulation) होता है।"
यह पोस्ट बताती है कि जब कोई व्यक्ति चुप हो जाता है ताकि सामने वाला गिड़गिड़ाए या माफी मांगे, तो वह उस रिश्ते में कंट्रोल हासिल करना चाहता है। यह स्वस्थ रिश्ते की निशानी नहीं है।
अक्सर शेयर करती हैं ऐसी बातें
त्रिशाला अमेरिका में रहती हैं और बतौर थेरेपिस्ट काम करती हैं। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसी गहरी बात लिखी हो। इससे पहले भी वह प्यार, धोखा, और मेंटल ट्रॉमा पर खुलकर बात कर चुकी हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी समझाया कि जो लोग साइलेंट ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करते हैं, वे अक्सर जिम्मेदारी लेने से बचते हैं और सामने वाले को यह महसूस कराते हैं कि सारी गलती उसी की है।
त्रिशाला की यह सलाह हम सबके लिए जरूरी है। झगड़े हर रिश्ते में होते हैं, लेकिन 'बातचीत बंद' कर देना मसले का हल नहीं है, बल्कि यह सामने वाले को मानसिक चोट पहुंचाता है।