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April 14 2026 04:25 pm

Tiger Conservation UP: दुधवा का वो टाइगर जिसका नाम विलेन जैसा, लेकिन काम हीरो वाला, जानें इसकी कहानी

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा नेशनल पार्क (Dudhwa National Park) में इन दिनों एक नाम की जबरदस्त गूँज है 'गब्बर'। गब्बर सुनते ही फिल्मों के क्रूर विलेन की याद आती है, लेकिन दुधवा का यह गब्बर असल जिंदगी में यहां का 'सुपरहीरो' है। अपनी भारी-भरकम कद-काठी, रौबीली चाल और शांत स्वभाव के कारण यह बाघ न केवल पर्यटकों का चहेता बन गया है, बल्कि वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए भी कौतूहल का विषय है।

शानदार कद-काठी और गजब का 'एटीट्यूड'

दुधवा के बेलरायां और सोनारीपुर रेंज में राज करने वाले इस बाघ का नाम 'गब्बर' इसकी दबंगई की वजह से पड़ा है। वन विभाग के कर्मचारियों के अनुसार, गब्बर की दहाड़ मीलों दूर तक सुनाई देती है। जब यह जंगल की कच्ची सड़कों पर चलता है, तो सफारी की जिप्सियां थम जाती हैं। खास बात यह है कि गब्बर इंसानी दखलंदाजी से ज्यादा विचलित नहीं होता। वह अक्सर सड़क किनारे आराम फरमाता या बड़े आराम से रास्ता पार करता दिख जाता है, जो पर्यटकों के लिए किसी रोमांचक फिल्म के सीन जैसा होता है।

नाम विलेन जैसा, पर स्वभाव से है 'जेंटलमैन'

आमतौर पर नर बाघ काफी आक्रामक होते हैं और इंसानी चहल-पहल देखकर हमलावर हो सकते हैं, लेकिन गब्बर के साथ ऐसा नहीं है। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि गब्बर एक 'जेंटलमैन टाइगर' है। वह अपने इलाके में रहने वाले अन्य जानवरों और इंसानों के प्रति तब तक आक्रामक नहीं होता जब तक उसे उकसाया न जाए। यही कारण है कि उसे 'काम हीरो वाला' कहा जाता है। वह जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है और दुधवा के कुनबे को बढ़ाने में भी उसका बड़ा योगदान है।

दुधवा के पर्यटन का बना 'पोस्टर बॉय'

सोशल मीडिया पर गब्बर की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। 'गब्बर' को देखने की चाहत में दुधवा आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। वन अधिकारियों का मानना है कि गब्बर अब दुधवा का ब्रांड एंबेसडर बन चुका है। लोग घंटों इंतजार करते हैं ताकि एक बार इस शानदार जीव की झलक मिल सके। इसकी लोकप्रियता का आलम यह है कि गाइड और जिप्सी चालक भी अब गब्बर की लोकेशन के आधार पर ही रूट तय करते हैं।

संरक्षण और सुरक्षा की चुनौती

हालांकि गब्बर का खौफ और जलवा बरकरार है, लेकिन वन विभाग के सामने इसकी सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण शिकारियों और मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा हमेशा बना रहता है। विभाग द्वारा गब्बर की गतिविधियों पर कैमरा ट्रैप के जरिए 24 घंटे नजर रखी जा रही है। गब्बर की कहानी हमें यह सिखाती है कि जंगल के ये 'विलेन' दरअसल हमारे पर्यावरण के असली रक्षक और हीरो हैं, जिन्हें बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।