दिनभर मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन में डूबे रहते हैं? इन 5 आसान टिप्स से रखें अपनी आंखों का ख्याल

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eye care tips for screen time : आज के दौर में हमारा ज्यादातर समय मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन को देखते हुए ही गुजरता है. चाहे ऑफिस का काम हो, बच्चों की ऑनलाइन क्लास हो या फिर मनोरंजन, हम पूरी तरह से इन डिजिटल डिवाइसेज पर निर्भर हो चुके हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी यह आदत हमारी अनमोल आंखों पर कितना बुरा असर डाल रही है?

लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, जलन, सूखापन (Dryness), पानी आना, सिरदर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. इसे 'डिजिटल आई स्ट्रेन'या'कंप्यूटर विजन सिंड्रोम'भी कहा जाता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह आंखों की रोशनी को कमजोर भी कर सकता है.

लेकिन आपको घबराने की ज़रूरत नहीं है. अपनी दिनचर्या में कुछ आसान सी आदतें अपनाकर आप अपनी आंखों को स्वस्थ रख सकते हैं.

1. "20-20-20" का गोल्डन रूल अपनाएं

यह आंखों को आराम देने का सबसे कारगर और आसान तरीका है. इस नियम के अनुसार, हर20 मिनटतक स्क्रीन पर काम करने के बाद आपको 20 सेकंडका ब्रेक लेना है और 20 फीटदूर रखी किसी चीज को देखना है. इससे आपकी आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है.

2. अपनी पलकों को झपकाना न भूलें

जब हम स्क्रीन पर ध्यान से कुछ देख रहे होते हैं, तो हम सामान्य से बहुत कम पलकें झपकाते हैं. इससे आंखों का प्राकृतिक मॉइस्चर कम हो जाता है और उनमें सूखापन व जलन होने लगती है. इसलिए, स्क्रीन पर काम करते समय बीच-बीच में अपनी पलकों को जानबूझकर झपकाते रहें.

3. स्क्रीन की ब्राइटनेस और दूरी सही रखें

अपने लैपटॉप या मोबाइल की स्क्रीन की ब्राइटनेस को कमरे की रोशनी के हिसाब से एडजस्ट करें. बहुत ज़्यादा या बहुत कम ब्राइटनेस, दोनों ही आंखों पर जोर डालती है. साथ ही, स्क्रीन आपकी आंखों से कम से कम 20-25 इंच की दूरी पर होनी चाहिए.

4. फॉन्ट साइज को बड़ा करें

अगर आपको स्क्रीन पर लिखे अक्षर पढ़ने में ज़ोर लगाना पड़ रहा है, तो बिना संकोच किए फॉन्ट का साइज बढ़ा लें. छोटे अक्षरों को पढ़ने के लिए हमारी आंखों को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे तनाव बढ़ता है.

5. रात में 'डार्क मोड' और 'आई कम्फर्ट' का इस्तेमाल करें

अगर आपको रात में फ़ोन इस्तेमाल करने की आदत है, तो 'डार्क मोड' या 'नाइट मोड' का इस्तेमाल करें। यह स्क्रीन से निकलने वाली तेज़ नीली रोशनी को कम करता है, जो आपकी आँखों के साथ-साथ आपकी नींद के लिए भी हानिकारक है। आजकल ज़्यादातर फ़ोन 'आई कम्फर्ट शील्ड' के विकल्प के साथ भी आते हैं, इसे हमेशा चालू रखें।

इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप डिजिटल दुनिया में रहते हुए भी अपनी अनमोल आँखों को स्वस्थ रख सकते हैं।

 

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