एक तरफ दोस्ती का हाथ, दूसरी तरफ 'बर्बाद' करने की धमकी... ट्रंप का ये 'डबल गेम' समझ से परे
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अंदाज़ ही निराला है। एक तरफ वो चीन के साथ 'शानदार रिश्ते' बनाने की बात करते हैं, तो दूसरी ही पल उसे 'बर्बाद' करने की धमकी भी दे डालते हैं। हाल ही में उन्होंने एक बार फिर कुछ ऐसा ही किया, जिसने पूरी दुनिया को सोच में डाल दिया है।
ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और चीन के रिश्ते बहुत अच्छे होंगे, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दे डाली कि अगर वह चाहें तो अपने 'तुरुप के इक्कों' (incredible cards) का इस्तेमाल करके चीन को तबाह कर सकते हैं।
तो आखिर इस बार ट्रंप किस बात पर भड़के हैं?
मामला जुड़ा है 'रेयर अर्थ मिनरल्स' से। ये वो जादुई खनिज हैं जिनके बिना आपके स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ और यहाँ तक कि लड़ाकू विमान भी नहीं बन सकते। और इस खजाने की चाबी काफी हद तक चीन के पास है।
चीन ने धमकी दी थी कि वह इन खनिजों का निर्यात बंद कर सकता है। इसी बात पर भड़कते हुए ट्रंप ने कहा, "अगर चीन ने हमें मैग्नेट (जो रेयर अर्थ से बनते हैं) भेजना बंद किया, तो हमें उन पर 200% का भारी-भरकम टैक्स लगाना पड़ सकता है।"
"मेरे पास हैं 'तुरुप के इक्के'"
ट्रंप ने दावा किया कि इस लड़ाई में अमेरिका का पलड़ा भारी है। उन्होंने कहा, 'हमारे पास अद्भुत विकल्प हैं, लेकिन मैं उनका इस्तेमाल नहीं करना चाहता। अगर करूँगा तो चीन बर्बाद हो जाएगा।' हालांकि, उन्होंने यह साफ़ नहीं किया कि ये 'विकल्प' आर्थिक हैं या राजनीतिक।
लेकिन इस तल्खी के बीच ट्रंप ने दोस्ती का दरवाजा भी खुला रखा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात हुई है और वह जल्द ही चीन का दौरा भी कर सकते हैं।
असल में अमेरिका चाहता है कि चीन सिर्फ दुनिया का कारखाना बनकर न रहे, बल्कि दूसरे देशों से सामान खरीदे भी, ताकि व्यापार का संतुलन बना रहे। यह पूरी बयानबाजी उसी बड़ी रणनीति का एक हिस्सा है, जहाँ दबाव और दोस्ती, दोनों का खेल एक साथ चल रहा है।