राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जयपुर और जोधपुर में हड़कंप, परिसर खाली कर चलाया गया सर्च ऑपरेशन

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ (Bench) और जोधपुर मुख्य पीठ (Principal Seat) को शुक्रवार (6 फरवरी 2026) सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी भरा एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं और दोनों शहरों में कोर्ट परिसरों को खाली करवा लिया गया।

1. घटना का विवरण (The Threat Email)

ईमेल की सामग्री: जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट प्रशासन को मिले ईमेल में दावा किया गया कि परिसर के भीतर शक्तिशाली RDX बम प्लांट किए गए हैं।

तुरंत कार्रवाई: धमकी मिलते ही सुबह करीब 11 बजे जयपुर और जोधपुर, दोनों जगहों पर जजों, वकीलों, कर्मचारियों और पक्षकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

न्यायिक कार्य स्थगित: सुरक्षा कारणों से हाईकोर्ट में होने वाली सभी सुनवाई और न्यायिक कार्यवाही को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।

2. सुरक्षा एजेंसियों का सर्च ऑपरेशन

धमकी की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ विशेष टीमें मौके पर पहुंचीं:

सघन तलाशी: बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वायड की टीमों ने कोर्ट रूम, जजों के चैम्बर्स, वकीलों के चैम्बर्स, पार्किंग एरिया और प्रशासनिक ब्लॉक की बारीकी से जांच की।

जयपुर की स्थिति: जयपुर में पूरी जांच के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद दोपहर करीब 1 बजे के आसपास वकीलों और पक्षकारों के लिए प्रवेश दोबारा खोला गया और कार्यवाही फिर शुरू हुई।

जोधपुर में सायरन: जोधपुर मुख्य पीठ में सायरन बजते ही अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सुरक्षा एजेंसियां वहां भी हर कोने की सघन जांच में जुटी रहीं।

3. बार-बार मिल रही धमकियां: एक चिंताजनक पैटर्न

राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की यह धमकी पहली बार नहीं मिली है। पिछले कुछ महीनों में धमकियों का एक सिलसिला देखा गया है:

सातवीं बार धमकी: जयपुर पीठ के लिए यह पिछले कुछ महीनों में 7वीं बार है जब बम की धमकी मिली है।

दिसंबर 2025 का खौफ: दिसंबर में तो लगातार पांच दिनों तक हाईकोर्ट को धमकी भरे ईमेल मिले थे।

Hoax (अफवाह): हालांकि अब तक की सभी धमकियां जांच में 'हॉक्स' या झूठी पाई गई हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे लेकर बेहद गंभीर हैं क्योंकि ये ईमेल बार-बार न्यायिक प्रक्रिया को बाधित कर रहे हैं।

4. पुलिस और साइबर टीम की जांच

IP एड्रेस की जांच: पुलिस की साइबर सेल ईमेल भेजने वाले के IP एड्रेस को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधी अपनी पहचान छिपाने के लिए VPN का उपयोग कर रहे हैं।

कड़ी सुरक्षा: बार-बार मिल रही धमकियों के मद्देनजर हाईकोर्ट परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।