इस करवा चौथ आसमान में बनेगा 100 साल वाला ‘चमत्कार’! इन 3 राशियों की सुहागिनों की लगेगी लॉटरी

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करवा चौथ... यानी पति-पत्नी के अटूट प्रेम और विश्वास का सबसे खूबसूरत त्योहार। इस दिन हर सुहागिन महिला सोलह श्रृंगार करके, पूरे दिन भूखी-प्यासी रहकर सिर्फ एक ही कामना करती है - अपने पति की लंबी उम्र और अच्छी सेहत।

लेकिन इस बार का करवा चौथ और भी ज्यादा खास और ‘चमत्कारी’ होने वाला है! इस साल, जब आप चांद का इंतजार कर रही होंगी, तो ऊपर आसमान में भी ग्रहों की दुनिया में आपके प्यार के लिए एक ‘महा-संयोग’ बन रहा होगा।

ज्योतिषियों के अनुसार, इस करवा चौथ पर लगभग 100 साल बाद एक ऐसा दुर्लभ और शक्तिशाली योग बन रहा है, जब मान-सम्मान के ग्रह सूर्य और प्रेम-सौंदर्य के ग्रह शुक्र, एक साथ कन्या राशि में आकर मिलेंगे।

क्यों है यह इतना ‘खास’?

सूर्य को आत्मा और सम्मान का प्रतीक माना जाता है, वहीं शुक्र को प्रेम, सुख-सुविधा और वैवाहिक जीवन की खुशियों का। जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो यह वैवाहिक जीवन में प्यार, सम्मान और सौभाग्य की ‘डबल डोज’ लेकर आता है।

यह ‘महा-संयोग’ कुछ राशियों की सुहागिनों के लिए तो मानो ‘सोने पर सुहागा’ जैसा साबित होने वाला है, जिनके व्रत का फल उन्हें दोगुना होकर मिलेगा।

तो कौन हैं वो 3 भाग्यशाली राशियां?

1. वृषभ राशि (Taurus)
आपकी तो मानो लॉटरी ही लग गई है! आपकी राशि के स्वामी शुक्र देव खुद इस संयोग में शामिल हैं।

  • क्या मिलेगा: इस करवा चौथ पर आपके पति-पत्नी के रिश्ते में एक नई मिठास और मजबूती आएगी। अगर कोई पुरानी अनबन चल रही थी, तो वो दूर हो जाएगी। पति से कोई बड़ा और कीमती तोहफा भी मिल सकता है, जिससे आपका दिल खुश हो जाएगा।

2. कन्या राशि (Virgo)
यह ‘महा-संयोग’ आपकी ही राशि में बन रहा है, इसलिए इसका सबसे ज्यादा फायदा आपको ही मिलेगा।

  • क्या मिलेगा: आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। पति की नजरों में आपका आदर और भी बढ़ जाएगा। आपकी सेहत अच्छी रहेगी और पूरे दिन आपके चेहरे पर एक अलग ही चमक और आत्मविश्वास दिखाई देगा।

3. मकर राशि (Capricorn)
आपके लिए यह संयोग भाग्य का ताला खोलने जैसा है।

  • क्या मिलेगा: पति के करियर में कोई बड़ी तरक्की हो सकती है या कोई रुका हुआ काम बन सकता है, जिसका फायदा पूरे परिवार को मिलेगा। आपके घर में भी सुख-शांति का माहौल बना रहेगा और आपका व्रत बहुत ही आनंद के साथ पूरा होगा।

यह सिर्फ एक ज्योतिषीय संयोग नहीं, बल्कि इस पावन व्रत की शुभता को और भी बढ़ाने वाला एक दिव्य आशीर्वाद है।