फिल्म नहीं हकीकत है दीवार में छेद कर ले उड़े 300 करोड़, जर्मनी की इस डकैती ने उड़ाए पुलिस के होश

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News India Live, Digital Desk : हम अक्सर नेटफ्लिक्स की किसी वेब सीरीज या हॉलीवुड फिल्मों में देखते हैं कि कुछ लोग बड़ी प्लानिंग के साथ बैंक के नीचे सुरंग खोदते हैं या दीवार काटकर तिजोरी तक पहुंच जाते हैं। लेकिन जर्मनी में जो हुआ, उसने फिल्मी स्क्रिप्ट को असल जिंदगी में उतार दिया। यहाँ के एक बैंक में ऐसी शातिर डकैती हुई है जिसे 'सदी की सबसे बड़ी लूट' में गिना जा रहा है।

न बंदूक दिखाई, न किसी को डराया

आम डकैतियों में अक्सर हमने देखा है कि लुटेरे हथियारों के दम पर शोर मचाते हुए घुसते हैं। लेकिन इस चोरी का तरीका बिल्कुल अलग और ठंडा था। लुटेरों ने बैंक की सबसे मजबूत दीवार में एक हाई-टेक ड्रिल मशीन से सुराख किया। किसी को अहसास तक नहीं हुआ कि बैंक की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगह, यानी 'वॉल्ट' (तिजोरी) को कोई बाहरी आदमी अपनी आंखों से देख रहा है।

एक रात और 300 करोड़ साफ़!

जब तक सुबह बैंक का स्टाफ पहुँचा और मामला समझ में आया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। खबर है कि लुटेरे करीब 35 मिलियन डॉलर (तकरीबन 300 करोड़ भारतीय रुपये से ज्यादा) का सोना, चांदी और कीमती नकद लेकर फरार हो चुके थे। तिजोरी को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे चोरों के पास बैंक का कोना-कोना समझने का पूरा मैप था। ड्रिल मशीन का जिस तरह से इस्तेमाल हुआ, उससे साफ़ है कि चोर कच्चे खिलाड़ी नहीं थे।

क्या कोई अंदरूनी मदद थी?

अब सबसे बड़ा सवाल जो खड़ा हो रहा है, वो सुरक्षा इंतजामों पर है। जिस जगह को पूरी दुनिया 'फौलाद' जितनी मजबूत मानती थी, वहां लुटेरे इतनी आसानी से कैसे घुस गए? सुरक्षा अलार्म क्यों नहीं बजे? या फिर क्या इस डकैती के पीछे किसी 'घर के भेदी' का हाथ था जिसने उन्हें बैंक के संवेदनशील हिस्सों की पूरी जानकारी दी थी? जर्मनी की पुलिस अब इसी गुत्थी को सुलझाने में जुटी है।

पूरे यूरोप में अलर्ट

इतनी बड़ी रकम की लूट के बाद न सिर्फ जर्मनी बल्कि पड़ोसी देशों में भी हड़कंप मच गया है। शक जताया जा रहा है कि लुटेरों का ये गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो सकता है। फिलहाल बैंक को सुरक्षा जांच के लिए सील कर दिया गया है और फॉरेन्सिक एक्सपर्ट्स उन सबूतों को तलाश रहे हैं जो ड्रिल मशीन के निशान और खाली तिजोरी के पास छूटे हो सकते हैं।