Rajasthan: भिवाड़ी का यह संस्थान निकला फर्जी, UGC ने जारी की ब्लैकलिस्ट छात्रों की डिग्री अब महज रद्दी
News India Live, Digital Desk : अगर आप या आपका कोई परिचित राजस्थान के भिवाड़ी स्थित 'राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट' (Rajiv Gandhi Institute of Technology and Management) में एडमिशन लेने की सोच रहे हैं, तो रुक जाइए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने एक बड़ा खुलासा करते हुए इस संस्थान को पूरी तरह से 'फर्जी' (Fake) घोषित कर दिया है। यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि इस संस्थान के पास किसी भी प्रकार की डिग्री देने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है और यहाँ से ली गई डिग्री की मान्यता शून्य होगी।
यूजीसी की जांच में खुली पोल: नियमों की उड़ी धज्जियां
यूजीसी ने अपनी हालिया जांच के बाद पाया कि भिवाड़ी का यह संस्थान बिना किसी आधिकारिक मान्यता के धड़ल्ले से तकनीकी और प्रबंधन (Management) के कोर्स चला रहा था। यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 22 के अनुसार, केवल वही संस्थान डिग्री दे सकते हैं जो केंद्र या राज्य सरकार के अधिनियम के तहत स्थापित हों। इस संस्थान ने इन सभी नियमों को ताक पर रखकर छात्रों को गुमराह किया, जिसके बाद आयोग को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
छात्रों का भविष्य दांव पर, फीस डूबने का खतरा
संस्थान को फर्जी घोषित किए जाने के बाद वहां पढ़ रहे सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। अब न तो ये छात्र इस डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर पाएंगे और न ही आगे की पढ़ाई के लिए किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी में प्रवेश ले सकेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संस्थान अक्सर भारी-भरकम फीस वसूल कर छात्रों को सुनहरे भविष्य का सपना दिखाते हैं, लेकिन अंत में उनके हाथ केवल कागज़ का एक टुकड़ा ही लगता है जिसकी कोई वैल्यू नहीं होती।
यूजीसी की चेतावनी: एडमिशन से पहले 'चेक' करें स्टेटस
इस घटना के बाद यूजीसी ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने कहा है कि किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से पहले यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उसकी मान्यता (Affiliation) जरूर चेक करें। आयोग ने साफ कर दिया है कि 'राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, भिवाड़ी' किसी भी प्रकार की डिग्री प्रदान करने के लिए अधिकृत नहीं है और छात्र ऐसे धोखेबाज संस्थानों से दूर रहें।
क्या होगा संस्थान पर अगला एक्शन?
सूत्रों के मुताबिक, यूजीसी ने राजस्थान सरकार और स्थानीय प्रशासन को भी इस संबंध में सूचित किया है। आने वाले दिनों में इस फर्जी संस्थान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है और इसे सील भी किया जा सकता है। फिलहाल, प्रभावित छात्र और उनके परिजन संस्थान के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।