UP के इस जिले की बदलने वाली है किस्मत, जमीन का मिलेगा 8 गुना मुआवजा! सरकार बनाने जा रही है नई ‘तरक्की की सड़क’

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उत्तर प्रदेश में जबसे एक्सप्रेसवे का जाल बिछना शुरू हुआ है, प्रदेश की तरक्की को मानो नए पंख लग गए हैं। अब इस विकास की सुपर-फास्ट ट्रेन पर फर्रुखाबाद जिला भी सवार होने जा रहा है, और यह खबर यहां के किसानों के लिए किसी लॉटरी लगने से कम नहीं है!

सरकार ने फर्रुखाबाद को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए एक नया ‘लिंक एक्सप्रेसवे’ बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

क्या है यह पूरा प्रोजेक्ट?

सोचिए, एक तरफ आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे है जो आपको सीधे दिल्ली और प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जोड़ता है। दूसरी तरफ बन रहा विशाल गंगा एक्सप्रेसवे है जो मेरठ से सीधे प्रयागराज तक जाएगा। फर्रुखाबाद इन दोनों के बीच में था।

अब, सरकार एक नई 4-लेन की सड़क बनाएगी जो फर्रुखाबाद को इन दोनों महामार्गों से जोड़ देगी। यह सड़क जिले के लिए तरक्की का नया हाईवे साबित होगी।

किसानों की लगी लॉटरी! मिलेगा 8 गुना तक मुआवजा?

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी और सबसे रोमांचक बात है किसानों को मिलने वाला मुआवजा। जमीन अधिग्रहण के नियमों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के लिए ली जाने वाली जमीन के बदले किसानों को सर्किल रेट (जमीन का सरकारी रेट) का 8 गुना तक मुआवजा मिल सकता है!

यह खबर उन हजारों किसानों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है जिनकी जमीन इस प्रोजेक्ट के दायरे में आएगी। यह मुआवजा उनकी आर्थिक स्थिति को हमेशा के लिए बदल सकता है।

आम आदमी को इससे क्या फायदा होगा?

  1. सफर होगा बेहद आसान: अभी फर्रुखाबाद के लोगों को दिल्ली या लखनऊ जाने के लिए पहले एक्सप्रेसवे तक पहुंचना पड़ता है, जिसमें काफी समय लगता है। इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने के बाद, वे मिनटों में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर होंगे।
  2. तीर्थयात्रा और व्यापार में सुविधा: इसी तरह, गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद प्रयागराज और मेरठ जैसे शहरों की दूरी भी घट जाएगी।
  3. किसानों को लाभ: फर्रुखाबाद आलू की खेती का एक बड़ा केंद्र है। एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद, यहां के किसान अपनी फसल को देश की बड़ी मंडियों में बहुत तेजी से और कम लागत में भेज पाएंगे।

काम कहां तक पहुंचा?
इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और जल्द ही जमीन पर काम दिखने लगेगा।

यह सिर्फ एक सड़क नहीं है, यह फर्रुखाबाद की किस्मत को विकास की उस तेज रफ्तार से जोड़ने और यहां के किसानों को समृद्ध बनाने का एक सुनहरा मौका है।