मुसाफिरों की बढ़ी किचकिच ,रांची-लोहरदगा लाइन मार्च तक बंद, रेलवे के इस फैसले ने बिगाड़ा सबका बजट
News India Live, Digital Desk: हम सभी जानते हैं कि ट्रेन का सफर न केवल सस्ता होता है, बल्कि आरामदायक भी। लेकिन रांची-लोहरदगा-टोरी रूट पर चलने वाले यात्रियों के लिए आने वाले कुछ महीने चुनौतियों भरे होने वाले हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे ने घोषणा की है कि लोहरदगा रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन मार्च 2026 तक बंद रहेगा।
आखिर रेलवे ने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया?
कोई भी ट्रैक जब लंबे समय के लिए बंद होता है, तो उसके पीछे मकसद भविष्य की सहूलियत ही होती है। दरअसल, लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) का काम जोर-शोर से चल रहा है। आसान शब्दों में कहें तो पटरियों का हुलिया बदला जा रहा है और सिग्नल सिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि आने वाले समय में यहाँ से और भी ज्यादा ट्रेनें और भी ज्यादा स्पीड से गुजर सकें।
मुसाफिरों पर क्या पड़ेगा असर?
सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को होगी जो रोज़ाना काम या पढ़ाई के सिलसिले में रांची से लोहरदगा और चतरा-लातेहार की ओर जाते हैं। लोकल ट्रेनों का पहिया थमने से अब पूरा दबाव सड़कों पर आ जाएगा। बसों और निजी गाड़ियों का किराया लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है। मार्च तक का समय लंबा होता है, ऐसे में वैकल्पिक रास्तों पर भीड़ बढ़ना तय है।
आगे की राह क्या है?
रेलवे का कहना है कि यह काम यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए अनिवार्य है। हालाँकि, यह ब्लॉक कब खुलेगा इसकी सटीक तारीख मार्च के आसपास ही साफ़ हो पाएगी। रेलवे की सलाह है कि यात्री किसी भी भ्रम से बचने के लिए निकलने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) पर स्टेटस ज़रूर चेक कर लें।
चलते-चलते एक छोटी सलाह...
अगर आपका सफर बहुत ज़रूरी है, तो समय रहते बस या शेयर्ड कैब की बुकिंग देख लें, क्योंकि ट्रेनों के बंद रहने से रोड ट्रांसपोर्ट पर बोझ बढ़ेगा और आखिरी समय में सीट मिलना मुश्किल हो सकता है।
क्या आपको भी इस ब्लॉक की वजह से अपने प्लान बदलने पड़े हैं? कमेंट्स में हमें अपनी राय और दिक्कतें ज़रूर बताएं।