झारखंड का पारा 1 डिग्री पहुँच गया, 15 जिलों में ठंड का ऐसा टॉर्चर पहले कभी नहीं देखा

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News India Live, Digital Desk : आजकल अगर आप सुबह झारखंड के किसी पार्क या मैदान में निकलें, तो ओस की बूंदें भी आपको जमी हुई नज़र आ सकती हैं। रांची, खूंटी, सिमडेगा और गुमला जैसे जिलों में तो रात का सफर करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक हालात में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है, बल्कि शीत लहर और घना कोहरा राज्य की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकता है।

वो 15 जिले जहाँ हालात 'बेकाबू' हैं
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड के कम से कम 15 जिलों में ठंड का असर सबसे ज्यादा है। इनमें पलामू प्रमंडल और दक्षिण छोटानागपुर के इलाके टॉप पर हैं। लोहरदगा और सिमडेगा में तो तापमान इतना कम है कि वह पहाड़ी इलाकों को टक्कर दे रहा है। लोगों का कहना है कि नलों का पानी इतना ठंडा है कि उसे छूना भी करंट जैसा महसूस होता है।

धूप निकलती है, पर राहत नहीं मिलती!
आमतौर पर माना जाता है कि दिन में धूप खिलने से ठंड कम हो जाती है, लेकिन उत्तर दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया है। आसमान साफ़ होने के बावजूद धूप में वो गर्मी नहीं है, जो शरीर को सुकून दे सके। इसे विशेषज्ञ 'ड्राय कोल्ड' या सूखी ठंड कह रहे हैं, जो हमारी सेहत, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए काफी हानिकारक है।

कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें
ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने यातायात की कमर तोड़ दी है। सड़कों पर दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिसकी वजह से सुबह-सुबह गाड़ियाँ चलाना खतरनाक हो गया है। कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें अपने तय समय से घंटों देरी से चल रही हैं। बाजार भी शाम होते ही वीरान हो रहे हैं क्योंकि कोई भी बेवजह इस जानलेवा ठंड में बाहर नहीं निकलना चाहता।

हमारी सलाह: सावधानी ही सुरक्षा है
अगर आप इन जिलों में रहते हैं, तो डॉक्टर की सलाह ज़रूर मानें। सोते समय और बाहर निकलते वक्त खुद को परतों में ढंककर रखें। अलाव (Fire) का सहारा लें लेकिन बंद कमरों में कोयला जलाने से बचें, जो जानलेवा हो सकता है।

मौसम विभाग का मानना है कि इस बार सर्दी का ये 'टॉरनेडो' लंबे समय तक रह सकता है। आपके शहर का क्या हाल है? क्या वहां भी कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है? हमें कमेंट में ज़रूर बताएं।