टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेल रहे हैं ये 6 खिलाड़ी, जो दो अलग-अलग देशों का कर चुके हैं प्रतिनिधित्व
News India Live, Digital Desk : क्रिकेट में नागरिकता और एलिजिबिलिटी नियमों के चलते अब एक देश से दूसरे देश की ओर से खेलना काफी आम हो गया है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप में कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जो पहले किसी और बड़ी टीम का हिस्सा थे, लेकिन अब नई जर्सी में मैदान पर उतर रहे हैं।
2026 टी20 वर्ल्ड कप के प्रमुख 'दो-देशीय' खिलाड़ी
| खिलाड़ी का नाम | देश 1 (पहले) | देश 2 (वर्तमान) | मुख्य जानकारी |
|---|---|---|---|
| टिम डेविड | सिंगापुर | ऑस्ट्रेलिया | सिंगापुर के लिए 14 मैच खेलने के बाद अब ऑस्ट्रेलिया के मुख्य फिनिशर हैं। |
| ईशान किशन* | भारत | (चर्चा) | (संदर्भ: हालिया रिपोर्टों में किशन और सैमसन की रेस पर चर्चा है, लेकिन वे केवल भारत के लिए ही खेल रहे हैं)। |
| जेजे स्मट्स (JJ Smuts) | दक्षिण अफ्रीका | इटली | दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलने के बाद अब 2026 वर्ल्ड कप में इटली की कमान संभाल रहे हैं। |
| टॉम ब्रूस (Tom Bruce) | न्यूजीलैंड | स्कॉटलैंड | कीवी टीम के पूर्व बल्लेबाज अब स्कॉटलैंड की जर्सी में नजर आ रहे हैं। |
| शीहान जयसूर्या | श्रीलंका | USA | श्रीलंका के पूर्व ऑलराउंडर अब अमेरिका की टीम को मजबूती दे रहे हैं। |
| कोरी एंडरसन | न्यूजीलैंड | USA | सबसे तेज वनडे शतक का रिकॉर्ड बनाने वाले कोरी अब अमेरिका के लिए खेल रहे हैं। |
अन्य प्रसिद्ध खिलाड़ी जिन्होंने बदला पाला
इतिहास में ऐसे कई दिग्गज रहे हैं जिन्होंने दो देशों के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं:
रोलोफ वान डेर मर्व: दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड।
डेविड विसे: दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया।
मार्क चैपमैन: हांगकांग और न्यूजीलैंड।
डिर्क नैनस: नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया।
इयोन मोर्गन: आयरलैंड और इंग्लैंड।
क्यों बदलते हैं खिलाड़ी अपना देश?
इसके पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण होते हैं:
बेहतर अवसर: अपनी मूल टीम में जगह न मिलने के कारण खिलाड़ी एसोसिएट नेशंस (Associate Nations) का रुख करते हैं।
रेजीडेंसी नियम: किसी दूसरे देश में लंबे समय तक रहने के बाद वहां की नागरिकता मिलना।
पारिवारिक विरासत: माता-पिता के मूल देश की ओर से खेलने का भावनात्मक फैसला (जैसे रॉस टेलर का समोआ के लिए खेलने का निर्णय)।