UP के इन 40 गांवों की लगने वाली है ‘लॉटरी’! जमीन के बदले मिलेगा मोटा मुआवजा, गांव के पास से गुजरेगा नया एक्सप्रेसवे

Post

सोचिए, अगर आपको पता चले कि आपके गांव के पास से एक बिल्कुल नया और चमचमाता एक्सप्रेसवे गुजरने वाला है, और इसके लिए ली जाने वाली आपकी जमीन के बदले सरकार आपको बाजार भाव से कई गुना ज्यादा मुआवजा देगी!

यह सपना अब उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर और आसपास के 40 गांवों के हजारों किसानों के लिए हकीकत बनने जा रहा है।

सरकार ने गाजियाबाद से कानपुर तक एक नए और सुपर-फास्ट ‘ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है, और इसके लिए जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

क्या है यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे?
यह कोई पुरानी सड़क को चौड़ा करके नहीं बनाया जा रहा। ‘ग्रीनफील्ड’ का मतलब है, यह एक बिल्कुल नई और सीधी सड़क होगी जो खेतों और खाली जमीनों के बीच से होकर गुजरेगी। इससे न सिर्फ सफर तेज होगा, बल्कि यह पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड होगा, यानी आपको रास्ते में कोई ट्रैफिक जाम परेशान नहीं करेगा।

किसानों को कैसे मिलेगा ‘लॉटरी’ जैसा फायदा?

  • मोटा मुआवजा: जब भी सरकार एक्सप्रेसवे के लिए जमीन लेती है, तो वह किसानों को जमीन के सर्किल रेट (सरकारी रेट) से कई गुना ज्यादा मुआवजा देती है। यह रकम इतनी बड़ी होती है कि कई किसानों की आर्थिक स्थिति हमेशा के लिए बदल जाती है।
  • गांव का विकास: जब गांव के पास से एक्सप्रेसवे गुजरता है, तो वहां की जमीन की कीमतें अपने आप आसमान छूने लगती हैं और विकास के नए रास्ते खुलते हैं।

आम आदमी और शहर वालों को क्या फायदा?

  1. अब दिल्ली दूर नहीं: इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद, कानपुर से गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर तक का जो सफर अभी 6-7 घंटे का है, वह घटकर सिर्फ 3 से 4 घंटे का रह जाएगा!
  2. उद्योग को लगेंगे पंख: कानपुर उत्तर प्रदेश का एक बड़ा औद्योगिक केंद्र है। इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद, यहां के उद्योगों का माल कुछ ही घंटों में सीधे देश की राजधानी तक पहुंच सकेगा, जिससे व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी।

यह सिर्फ एक सड़क नहीं है। यह किसानों के लिए समृद्धि का, शहर वालों के लिए समय की बचत का, और पूरे प्रदेश के लिए तरक्की का एक नया ‘हाई-स्पीड’ रास्ता है, जिसके बनने का पहला कदम उठाया जा चुका है।