लॉस एंजिल्स में मची चीख-पुकार ईरानी प्रदर्शनकारियों पर आखिर क्यों चढ़ा दिया ट्रक
News India Live, Digital Desk: आजकल सोशल मीडिया और खबरों में ईरान की अंदरूनी लड़ाई की गूँज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। लेकिन इस बार खबर ईरान से नहीं, बल्कि अमेरिका के मशहूर शहर लॉस एंजिल्स से आई है, जहाँ अपने ही देश के लोगों के लिए न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ एक खौफनाक हादसा हो गया।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अचानक फैला सन्नाटा
लॉस एंजिल्स की सड़कों पर सैकड़ों लोग बैनर और पोस्टर लेकर इकट्ठा हुए थे। ये लोग ईरान में हो रहे मानवाधिकार हनन और वहां चल रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन कर रहे थे। रैली पूरी तरह से शांतिपूर्ण थी और लोग नारे लगा रहे थे, लेकिन अचानक एक तेज़ रफ़्तार ट्रक भीड़ के बीच घुस गया। देखते ही देखते वहाँ चीख-पुकार मच गई। जो लोग कुछ पल पहले आज़ादी के नारे लगा रहे थे, वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इंसानी सनक या महज एक एक्सीडेंट?
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या ड्राइवर ने जानबूझकर ट्रक को भीड़ में घुसाया या फिर यह महज़ एक अनियंत्रित हादसा था? चश्मदीदों के मुताबिक, माहौल अचानक इतना डर से भर गया कि लोग समझ ही नहीं पाए कि हुआ क्या। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर ली, लेकिन इस घटना ने उन लोगों के दिलों में गहरा जख्म छोड़ दिया है जो अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहे थे।
विदेशों में बढ़ता तनाव
यह पहली बार नहीं है जब किसी राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के दौरान इस तरह की हिंसक वारदात हुई हो। विशेषज्ञ इसे 'पॉलिटिकल हेट' (राजनैतिक नफरत) से जोड़कर भी देख रहे हैं। ईरान की समस्या अब सिर्फ उसकी सीमाओं तक सीमित नहीं रही है; यह पूरी दुनिया में रह रहे ईरानियों के लिए एक भावनात्मक और संवेदनशील मुद्दा बन गया है।
जब लोग सुरक्षित माने जाने वाले देशों (जैसे अमेरिका) में भी इस तरह के हादसों का शिकार होते हैं, तो लोकतंत्र और सुरक्षा की पोल खुल जाती है। लोग अब डरे हुए हैं कि क्या अपनी बात शांति से रखना भी अब सुरक्षित नहीं रहा?