ऑस्ट्रेलियाई टीम में हुआ अचानक बड़ा बदलाव, मैच से ठीक पहले क्यों बाहर हुए ये स्टार खिलाड़ी?

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News India Live, Digital Desk : क्रिकेट के मैदान पर जब कोई बड़ी सीरीज सिर पर होती है, तो टीमों में हलचल होना आम बात है। लेकिन इस बार ऑस्ट्रेलियाई टीम के अंदर जो फेरबदल हुआ है, उसने फैंस और एक्सपर्ट्स दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया एक तरफ आगामी एशेज और दूसरी तरफ भारत के खिलाफ हो रही अहम सीरीज (खासकर पिंक बॉल मैच) की तैयारियों में जुटा है, तभी खबर आती है कि टीम कॉम्बिनेशन में कुछ ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिसकी उम्मीद कम ही लोगों को थी।

ब्यू वेब्स्टर क्यों हुए बाहर? (Why Webster is Out)

सबसे बड़ी खबर यह है कि बेहतरीन फॉर्म में चल रहे ऑलराउंडर ब्यू वेब्स्टर (Beau Webster) अब आगामी अभ्यास मैच (PM XI) का हिस्सा नहीं होंगे। वेब्स्टर का बाहर होना फैंस के लिए थोड़ा चौंकाने वाला है, क्योंकि वो घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे थे और विकेट भी चटका रहे थे। रिपोर्टों की मानें तो ऑस्ट्रेलिया की चयन समिति शायद उन्हें लेकर कुछ और ही बड़ा प्लान बना रही है, या फिर यह उनकी वर्कलोड मैनेजमेंट का हिस्सा हो सकता है। उनकी जगह टीम को संतुलित करने के लिए तुरंत नए चेहरों को मौका दिया गया है।

कौन हैं वो दो नए नाम? (Weatherald and Doggett In)

वेब्स्टर के बाहर जाते ही मैनेजमेंट ने बिना देर किए दो धाकड़ खिलाड़ियों की एंट्री कराई है। पहले हैं जेक वेदराल्ड (Jake Weatherald), जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वेदराल्ड को टॉप ऑर्डर में मजबूती देने के लिए बुलाया गया है। दूसरा नाम है ब्रेंडन डॉगेट (Brendan Doggett) का। डॉगेट अपनी तेज गति और सटीक लाइन-लेंथ के लिए पहचाने जाते हैं। इन दोनों के आने से यह साफ है कि ऑस्ट्रेलिया अपने 'बेंच स्ट्रेंथ' को पूरी तरह परखना चाहता है।

मार्नस लाबुशेन: क्या बदल रहा है उनका बैटिंग नंबर?

अब बात करते हैं सबसे हॉट टॉपिक की— मार्नस लाबुशेन (Marnus Labuschagne)। खबर आ रही है कि मैनेजमेंट लाबुशेन को एक नई भूमिका या एक स्पेसिफिक बैटिंग ऑर्डर पर आजमाना चाहता है। लाबुशेन पिछले कुछ समय से अपनी बेस्ट फॉर्म तलाश रहे हैं। ऐसे में, इस अभ्यास मैच में उन्हें शायद अपनी रेगुलर जगह से हटाकर बैटिंग कराई जा सकती है, ताकि वो बिना दबाव के खेलकर अपना खोया हुआ आत्मविश्वास वापस पा सकें। क्या उन्हें ओपनिंग जैसा जिम्मा दिया जा सकता है या मिडिल ऑर्डर की जान बनाया जाएगा? यह देखना दिलचस्प होगा।

आगे क्या होगा?

ये बदलाव सिर्फ एक वॉर्म-अप मैच तक सीमित नहीं हैं। क्रिकेट पंडित मान रहे हैं कि यह ऑस्ट्रेलिया की एक सोची-समझी रणनीति है। वे देखना चाहते हैं कि अगर मुख्य खिलाड़ियों (जैसे स्टीव स्मिथ या ख्वाजा) के साथ कोई दिक्कत होती है, तो कौन सा खिलाड़ी जिम्मेदारी उठा सकता है।

क्रिकेट फैंस के लिए यह जानना जरूरी है कि ऑस्ट्रेलिया कभी भी अपनी तैयारी में कमी नहीं छोड़ता। वेब्स्टर का बाहर होना और वेदराल्ड-डॉगेट का आना, सिर्फ खिलाड़ियों का बदलना नहीं है, बल्कि आने वाली बड़ी चुनौतियों (Ashes और Border-Gavaskar Trophy) के लिए खुद को तैयार करना है। अब देखना यह होगा कि ये नए मोहरे मैदान पर कितना असर छोड़ पाते हैं।