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April 18 2026 10:22 pm

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच टेक जगत में खलबली गूगल और एपल पर ईरान की टेढ़ी नजर, अमेरिका ने दी कड़ी चेतावनी

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News India Live, Digital Desk: मध्य पूर्व (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष अब डिजिटल और तकनीकी मोर्चे पर भी आ गया है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों गूगल (Google) और एपल (Apple) को लेकर कड़े तेवर अपनाए हैं। इस पर पलटवार करते हुए अमेरिका ने साफ किया है कि अमेरिकी कंपनियों के हितों को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई का अंजाम गंभीर होगा।

ईरान का टेक कंपनियों पर निशाना: क्या है वजह?

ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी टेक कंपनियां पक्षपाती रवैया अपना रही हैं और उनके प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल ईरानी हितों के खिलाफ किया जा रहा है। तेहरान की ओर से संकेत मिले हैं कि वे अपने देश में गूगल और एपल की सेवाओं पर और कड़े प्रतिबंध लगा सकते हैं या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। ईरान का मानना है कि ये कंपनियां पश्चिमी देशों के 'नैरेटिव' को बढ़ावा दे रही हैं।

अमेरिका का करारा जवाब: 'हमारे हितों के साथ समझौता नहीं'

ईरान की इन धमकियों पर अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा:

"ईरान के साथ संबंधों पर हमारी स्थिति स्पष्ट है। अगर वह अमेरिकी कंपनियों या उनके संचालन को निशाना बनाता है, तो अमेरिका मूकदर्शक नहीं बना रहेगा।"

अमेरिका ने इसे ईरान की ओर से ध्यान भटकाने वाली रणनीति करार दिया है और कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कंपनियों को स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार है।

युद्ध का टेक और इंटरनेट सेवाओं पर असर

ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी इस जंग का असर केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि इंटरनेट की दुनिया में भी दिख रहा है:

साइबर वॉरफेयर: दोनों देशों की ओर से एक-दूसरे के सरकारी और निजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमलों की खबरें लगातार आ रही हैं।

कनेक्टिविटी संकट: युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं में व्यवधान देखा गया है, जिससे टेक कंपनियों की आपूर्ति श्रृंखला और सेवाओं पर दबाव बढ़ा है।

भारत के लिए क्या है इसके मायने?

ईरान और अमेरिका के बीच इस 'टेक-वॉर' का असर वैश्विक बाजार पर पड़ना तय है। भारत जैसे बड़े बाजार के लिए भी यह चिंता का विषय है क्योंकि गूगल और एपल जैसी कंपनियों की सेवाओं का दायरा बहुत बड़ा है। इसके अलावा, मध्य पूर्व में किसी भी तरह की अस्थिरता वैश्विक आर्थिक संतुलन को बिगाड़ सकती है।