ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी जनता में दरार ट्रंप की रणनीति पर 50-50 बंटे वोटर्स सर्वे में सामने आया चौंकाने वाला सच

Post

News India Live, Digital Desk : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' ने अमेरिका के भीतर एक नई बहस छेड़ दी है। जहाँ राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों को तबाह करने के लिए 'अनिवार्य' बताया है, वहीं जनता के बीच इस युद्ध की स्वीकार्यता को लेकर मतभेद गहरा गए हैं।

1. फॉक्स न्यूज सर्वे: मुख्य आंकड़े (Fox News Poll Results)

सर्वे के अनुसार, अमेरिकी जनता की राय काफी जटिल है:

सुरक्षा खतरा: 61% अमेरिकी अभी भी मानते हैं कि ईरान अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक 'बड़ा खतरा' है।

सैन्य कार्रवाई का समर्थन: इस खतरे के बावजूद, केवल 50% लोग ही वर्तमान सैन्य हमलों का समर्थन (Approve) कर रहे हैं, जबकि 50% लोग इसके खिलाफ (Disapprove) हैं।

सुरक्षा का अहसास: 51% मतदाताओं का मानना है कि ट्रंप के इन कदमों ने अमेरिका को 'कम सुरक्षित' (Less Safe) बना दिया है। केवल 29% लोग ही मानते हैं कि देश अब पहले से ज्यादा सुरक्षित है।

2. पार्टी के आधार पर भारी मतभेद (Partisan Divide)

सर्वे में डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच की 'खाई' स्पष्ट रूप से दिखाई दी है:

रिपब्लिकन (Republicans): 80% से अधिक रिपब्लिकन मतदाता इन हमलों का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं। उनका मानना है कि ईरान के प्रति 'अधिकतम दबाव' (Maximum Pressure) ही सही रास्ता है।

डेमोक्रेट्स (Democrats): करीब 80% डेमोक्रेट्स ने इन हमलों का विरोध किया है। उनका तर्क है कि बिना कांग्रेस की मंजूरी के युद्ध शुरू करना गलत है और इससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी।

निर्दलीय (Independents): निर्दलीय वोटर्स में भी विरोध का स्वर तेज है, जहाँ 60% लोग ट्रंप की ईरान नीति को लेकर आशंकित हैं।

3. 'बूट्स ऑन द ग्राउंड' पर चिंता (Boots on the Ground)

सर्वे में जनता की सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या यह हवाई हमला एक पूर्ण युद्ध (Full-scale War) में बदल जाएगा:

जमीनी सेना: अधिकांश अमेरिकी मतदाता ईरान में अमेरिकी सैनिकों (Ground Troops) को भेजने के सख्त खिलाफ हैं।

ट्रंप का रुख: राष्ट्रपति ट्रंप ने हालिया इंटरव्यू में कहा है कि "शायद इसकी जरूरत न पड़े," लेकिन उन्होंने इस संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया है, जिससे जनता में डर बना हुआ है।

4. युद्ध की अवधि को लेकर भ्रम (Timeline Confusion)

अमेरिकी जनता इस बात को लेकर भी उलझन में है कि यह युद्ध कब तक चलेगा:

शुरुआती अनुमान: ट्रंप ने पहले कहा था कि यह अभियान 4 से 5 हफ्तों में खत्म हो जाएगा।

ताजा बयान: 3 मार्च को अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास 'कहीं ज्यादा समय' तक युद्ध लड़ने की क्षमता है, जिसने मतदाताओं को लंबी खींचने वाली जंग (Endless War) की याद दिला दी है।

5. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और असर (Global Impact)

सर्वे के बीच ही यह खबर भी आई है कि ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों (UAE, कुवैत, कतर) में अमेरिकी दूतावासों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई चेन (जैसे कतर का LNG उत्पादन बंद होना) प्रभावित हुई है, जिसका असर अमेरिकी बाजार और महंगाई पर भी पड़ने लगा है।