US-Iran War : ट्रंप बनाम पेंटागन राष्ट्रपति ने कहा हमारे पास असीमित हथियार, रक्षा मंत्रालय ने दी 10 दिन की चेतावनी
News India Live, Digital Desk: मध्य पूर्व में 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' (Operation Epic Fury) के शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना के हथियारों के इस्तेमाल की दर काफी बढ़ गई है। 3-4 मार्च 2026 के ताजा घटनाक्रमों के अनुसार, अमेरिकी रक्षा मुख्यालय 'पेंटागन' और व्हाइट हाउस के बीच गोला-बारूद की उपलब्धता को लेकर एक 'जुबानी जंग' शुरू हो गई है।
1. पेंटागन की गंभीर चेतावनी: "हथियार केवल 10 दिन के बचे!" (The Warning)
पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन (Gen. Dan Caine) ने राष्ट्रपति ट्रंप को एक गोपनीय ब्रीफिंग में आगाह किया है:
इंटरसेप्टर की कमी: अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यदि ईरान पर हमले इसी तीव्रता से 10 और दिन तक जारी रहे, तो अमेरिका के पास महत्वपूर्ण 'इंटरसेप्टर मिसाइलों' (विशेषकर THAAD और SM-3) की भारी कमी हो सकती है।
THAAD पर दबाव: पिछले साल के संघर्ष और वर्तमान युद्ध में अमेरिका ने अपनी THAAD (Terminal High Altitude Area Defense) मिसाइलों का लगभग 25% हिस्सा पहले ही इस्तेमाल कर लिया है।
अतिरिक्त जोखिम: सैन्य कमांडरों का मानना है कि यदि पूरी ताकत ईरान में लगा दी गई, तो चीन या उत्तर कोरिया जैसे अन्य मोर्चों पर अमेरिकी सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है।
2. डोनाल्ड ट्रंप का पलटवार: "हम अनंत काल तक लड़ सकते हैं" (Trump's Claim)
पेंटागन की चिंताओं को खारिज करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने Truth Social पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए:
'असीमित' स्टॉक: ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हथियारों का जखीरा "अब तक के सबसे ऊंचे स्तर" पर है और अमेरिका इन हथियारों के साथ "हमेशा के लिए" (Forever War) लड़ सकता है।
WSJ को बताया 'अपमानजनक': वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की उस रिपोर्ट को ट्रंप ने "अपमानजनक" बताया जिसमें इंटरसेप्टर की कमी की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि "मिड से लेकर अपर ग्रेड" तक के हथियार हमारे पास भारी मात्रा में मौजूद हैं।
Outlying Countries: ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका ने विदेशों में स्थित अपने गुप्त ठिकानों पर "हाई ग्रेड" हथियारों का बड़ा भंडार सुरक्षित रखा है।
3. कौन से हथियारों पर है सबसे ज्यादा संकट? (Critical Systems)
युद्ध की तीव्रता को देखते हुए इन रक्षा तकनीकों पर सबसे अधिक दबाव है:
THAAD & Patriot: ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही तबाह करने के लिए इन प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है।
Tomahawk Cruise Missiles: ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए इनका इस्तेमाल रिकॉर्ड स्तर पर हो रहा है।
JDAMs (Smart Bombs): साधारण बमों को 'स्मार्ट बम' में बदलने वाली किट्स की सप्लाई भी यूक्रेन युद्ध के बाद से दबाव में है।
4. युद्ध का खर्च और रक्षा कंपनियों को मुनाफा (Financial Impact)
लागत: रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के पहले 24 घंटों में अमेरिका ने लगभग $779 मिलियन (करीब 6,400 करोड़ रुपये) खर्च किए हैं।
कंपनियों की चांदी: स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट के बावजूद लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) और रेथियॉन (Raytheon) जैसी रक्षा कंपनियों के शेयर 3.5% से 4% तक उछल गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे युद्ध की स्थिति में इन कंपनियों को अरबों डॉलर के नए ऑर्डर मिलेंगे।
5. ईरान की स्थिति: क्या उसके पास भी हथियारों की कमी है?
ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि अमेरिकी हमलों के कारण ईरान के पास 'मिसाइल लॉन्चर्स' और हथियारों की कमी होने लगी है। हालांकि, ईरानी सेना का कहना है कि उनके पास 'भूमिगत गुफाओं' और 'गुप्त ठिकानों' में हथियारों का इतना भंडार है कि वे महीनों तक संघर्ष जारी रख सकते हैं।