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April 10 2026 09:49 am

जम्मू-कश्मीर वेदर अपडेट: 11 अप्रैल से मौसम में सुधार के आसार, धीरे-धीरे बढ़ेगा पारा; जानें अगले एक हफ्ते का पूरा पूर्वानुमान

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जम्मू/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बीच अब राहत की खबर है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर कम होने के साथ ही मौसम धीरे-धीरे स्थिर होने की दिशा में बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के अनुसार, प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक आंशिक बदलाव के बाद 17 अप्रैल से मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की उम्मीद है।

अगले 10 दिनों का विस्तृत पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 अप्रैल से 20 अप्रैल तक का जो रोडमैप जारी किया है, वह इस प्रकार है:

10 अप्रैल: दोपहर बाद या शाम को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना है।

11 और 12 अप्रैल: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। देर शाम या रात के समय कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

13 और 14 अप्रैल: मौसम मुख्य रूप से शुष्क और सामान्य रहेगा।

15 और 16 अप्रैल: एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ की हल्की सक्रियता से बादल छा सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

17 से 20 अप्रैल: मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा, जिससे खिली हुई धूप निकलने के आसार हैं।

4 से 6 डिग्री तक चढ़ेगा पारा

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले 6 दिनों के दौरान जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों में दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होगी। फिलहाल तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, लेकिन 13 अप्रैल के बाद से गर्मी का अहसास बढ़ने लगेगा।

बीते 24 घंटों का हाल: गुलमर्ग में पारा माइनस में

वीरवार को दिनभर मौसम साफ रहने के बाद शाम को अचानक हुई बारिश और बर्फबारी से तापमान गिर गया। गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान -2.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जहाँ बर्फबारी भी दर्ज की गई।

प्रमुख शहरों का तापमान और बारिश:

शहरअधिकतम तापमान (°C)न्यूनतम तापमान (°C)बारिश (मिमी)
जम्मू25.512.16.5
श्रीनगर17.17.06.2
कटड़ा23.010.7-
पहलगाम11.85.56.6
बटोत16.05.411.8

ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए चेतावनी

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी भी हल्की बर्फबारी (Snowfall) की संभावना बनी हुई है। हालांकि मैदानी इलाकों में बारिश का दौर अब थमता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि ऊंचे पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोग मौसम की स्थिति देखकर ही घर से निकलें।