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April 10 2026 10:23 am

Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर करने जा रहे हैं गृह प्रवेश? नोट कर लें अबूझ मुहूर्त और ये जरूरी नियम, बरसेगी महालक्ष्मी की कृपा

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नई दिल्ली: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का दिन अत्यंत पावन और सौभाग्यशाली माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च राशि में स्थित होते हैं, जिससे इस दिन शुरू किए गए किसी भी कार्य का फल 'अक्षय' यानी कभी न समाप्त होने वाला होता है। यही कारण है कि नए घर में प्रवेश के लिए लोग पूरे साल अक्षय तृतीया का इंतजार करते हैं। साल 2026 में यदि आप भी अपने सपनों के आशियाने में कदम रखने जा रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त और विधि-विधान को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

कब है अक्षय तृतीया? जानें तिथि और महत्व

अक्षय तृतीया का पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे से प्रारंभ होगी और 20 अप्रैल को सुबह 07:27 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि की गणना और ज्योतिषीय संयोगों के आधार पर अक्षय तृतीया का महापर्व 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। यह पूरा दिन 'अबूझ मुहूर्त' की श्रेणी में आता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।

गृह प्रवेश के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त

यूं तो अक्षय तृतीया का पूरा दिन गृह प्रवेश के लिए श्रेष्ठ है, लेकिन यदि आप सबसे शुभ घड़ी की तलाश में हैं, तो 19 अप्रैल 2026 को सुबह 11:55 से दोपहर 12:46 तक 'अभिजित मुहूर्त' रहेगा। इस समय गृह प्रवेश करना सुख-समृद्धि और शांति के दृष्टिकोण से सर्वोत्तम माना गया है।

गृह प्रवेश के समय न भूलें ये 5 महत्वपूर्ण नियम

वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नए घर में प्रवेश करते समय कुछ विशेष सावधानी बरतनी चाहिए ताकि घर में हमेशा सकारात्मकता बनी रहे:

मुख्य द्वार का श्रृंगार: घर के मुख्य द्वार को अशोक या आम के पत्तों के तोरण और ताजे फूलों से सजाएं। प्रवेश द्वार पर स्वास्तिक और रंगोली बनाना न भूलें, यह मां लक्ष्मी के स्वागत का संकेत है।

कलश स्थापना और पूजा: प्रवेश से पहले वास्तु शांति, नवग्रह पूजा और हवन अवश्य करवाएं। एक कलश को जल या दूध से भरकर घर में ले जाएं और अगले दिन उसे किसी मंदिर में अर्पित कर दें।

दाहिना कदम और शंख ध्वनि: घर की चौखट पार करते समय पति-पत्नी को सबसे पहले अपना दाहिना पैर (Right Foot) अंदर रखना चाहिए। प्रवेश के समय शंख बजाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है।

रसोई की पहली रस्म: गृह प्रवेश के तुरंत बाद रसोई में चूल्हा जलाकर दूध उबालना बेहद शुभ होता है। इसके बाद कोई मीठा व्यंजन जैसे खीर या हलवा बनाकर भगवान को भोग लगाएं।

रात का दीपक और ब्राह्मण भोज: गृह प्रवेश के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा दें। याद रखें कि गृह प्रवेश की पहली रात घर को खाली न छोड़ें और मुख्य द्वार पर दीपक जरूर जलाएं।

अक्षय तृतीया पर किया गया गृह प्रवेश न केवल आपके परिवार को सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि यह घर में धन-धान्य की कभी न खत्म होने वाली बरकत लेकर आता है।