टैलेंट तो कूट-कूट कर भरा है, पर भरोसा कौन देगा? संजू सैमसन के लिए गौतम गंभीर से की गई खास अपील
News India Live, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट में अगर किसी खिलाड़ी के लिए फैंस का दिल सबसे ज्यादा धड़कता है, तो वह हैं संजू सैमसन। जब वो क्रीज पर टिकते हैं और शॉट लगाते हैं, तो लगता है कि बल्लेबाजी कितनी आसान है। लेकिन फिर वही पुरानी कहानी दोहराई जाती है संजू टीम में आते हैं, कभी चलते हैं, कभी फेल होते हैं और फिर अगले दौरे के लिए टीम से बाहर हो जाते हैं।
यह सिलसिला सालों से चल रहा है। लेकिन अब, टीम इंडिया की बागडोर गौतम गंभीर के हाथों में है, और क्रिकेट के पंडित मानते हैं कि यही वो सही वक्त है जब संजू की किस्मत बदल सकती है।
हाल ही में क्रिकेट के गलियारों में एक बड़ी चर्चा छिड़ी है। पूर्व क्रिकेटरों और जानकारों ने हेड कोच गौतम गंभीर को एक सीधी और सुलझी हुई सलाह दी है। उनका कहना है कि संजू की तकनीक में कोई कमी नहीं है, कमी है तो बस उस "मानसिक सुरक्षा" (Security) की, जो एक खिलाड़ी को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए चाहिए होती है।
गंभीर को क्या करना चाहिए?
सलाह यह दी गई है कि गौतम गंभीर को संजू सैमसन के पास जाकर उनके कंधे पर हाथ रखना होगा और साफ़ लफ्जों में कहना होगा— "सुनो, तुम वर्ल्ड कप खेल रहे हो। अगले 5-10 मैच तुम्हारे हैं। तुम जीरो पर आउट हो या शतक लगाओ, तुम्हें टीम से बाहर नहीं निकाला जाएगा।"
ज़रा सोचिए, जब किसी ऑफिस में बॉस अपने कर्मचारी से कहे कि "गलती की चिंता मत करो, मैं तुम्हारे साथ खड़ा हूँ", तो उसका काम कितना निखर जाता है। ठीक वैसा ही क्रिकेट में भी है।
संजू के साथ असल समस्या क्या है?
जानकार मानते हैं कि जब भी संजू बैटिंग करने आते हैं, उनके दिमाग में एक ही डर चलता रहता है— "अगर आज रन नहीं बनाए, तो अगली सीरीज में मेरा नाम नहीं होगा।" इस डर (Insecurity) की वजह से एक बेहतरीन खिलाड़ी भी खराब शॉट खेलकर आउट हो जाता है। उसे पता होता है कि उसकी जगह लेने के लिए कतार में कई और खिलाड़ी खड़े हैं।
गंभीर का अंदाज़ और उम्मीदें
हम सब जानते हैं कि गौतम गंभीर एक ऐसे कप्तान और मेंटर रहे हैं जो अपने खिलाड़ियों का अंत तक साथ देते हैं। चाहे वह आईपीएल में कोलकाता की टीम हो या कोई और मौका, गंभीर ने हमेशा अपने खिलाड़ियों को शेर की तरह खेलने की छूट दी है।
अब सवाल यह है कि क्या कोच बनने के बाद गंभीर वही भरोसा संजू सैमसन को दे पाएंगे? क्या वो उनसे कह पाएंगे कि नतीजे की चिंता छोड़ो और अपनी नेचुरल गेम खेलो?