चार महीने का इंतजार खत्म! अब बजेगी शहनाई, जानें कब जाग रहे हैं भगवान विष्णु

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जिन घरों में शहनाइयों के बजने का इंतजार हो रहा था... जिनका अपने नए घर में प्रवेश का सपना एक शुभ मुहूर्त की राह देख रहा था... उनका इंतजार अब बस खत्म होने वाला है!

चार महीनों से मांगलिक और शुभ कामों पर जो ‘रोक’ लगी हुई थी, वह अब जल्द ही हटने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि चार महीने की अपनी योग-निद्रा (आध्यात्मिक नींद) के बाद अब सृष्टि के पालनहार, भगवान विष्णु, जागने वाले हैं। और जिस दिन वे जागते हैं, उसी दिन से शादियों, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे सभी शुभ कामों का ‘ग्रीन सिग्नल’ मिल जाता है।

इस बेहद पावन और शुभ दिन को देवउठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है।

तो कब है यह शुभ दिन? (नोट कर लें सही तारीख)

इस साल देवउठनी एकादशी का महापर्व 3 नवंबर 2025, सोमवार को मनाया जाएगा। इसी दिन चातुर्मास का समापन होगा और खुशियों का नया अध्याय शुरू होगा।

क्या होता है इस दिन?
मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु अपनी चार महीने की लंबी नींद से जागते हैं। घरों में, महिलाएं गन्ने का मंडप बनाकर भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप और माँ तुलसी की पूजा करती हैं। शंख, घंटे-घड़ियाल बजाकर उन्हें भक्ति-भाव से जगाया जाता है। इसी दिन के बाद से शादियों का सीजन भी धूमधाम से शुरू हो जाता है।

देवउठनी एकादशी 2025: शुभ मुहूर्त

  • एकादशी तिथि कब से शुरू: 2 नवंबर 2025, रविवार, शाम 06:18 बजे से।
  • एकादशी तिथि कब समाप्त: 3 नवंबर 2025, सोमवार, रात 08:31 बजे तक।
  • उदया तिथि के अनुसार: व्रत और पूजा 3 नवंबर को ही की जाएगी।
  • व्रत खोलने का समय (पारण मुहूर्त): जो लोग इस दिन का व्रत रखते हैं, वे 4 नवंबर, मंगलवार को सुबह 06:30 से 08:45 के बीच अपना व्रत खोल सकते हैं।

तो, अब शादी-ब्याह की तारीखें पक्की करने और मांगलिक कार्यों की तैयारियों में जुट जाइए, क्योंकि शुभ मुहूर्त का दरवाजा बस खुलने ही वाला है!